उत्तराखंड सरकार की मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना राज्य के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है। इस योजना के माध्यम से टिहरी गढ़वाल की रहने वाली सपना राणा ने जर्मनी में नौकरी हासिल कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे उत्तराखंड का नाम रोशन किया है। सपना का चयन जर्मनी के हैम्बर्ग शहर स्थित प्रतिष्ठित शॉन क्लीनिक हॉस्पिटल में नर्स के पद पर हुआ है, जहां उन्हें लगभग 3060 यूरो यानी करीब 3.30 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा।
सपना राणा ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और विदेशों में रोजगार के नए रास्ते खोलने के लिए विशेष योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत गठित विदेश रोजगार प्रकोष्ठ युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार दिलाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। युवाओं को विदेशों में रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप भाषा और कौशल प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य के युवाओं को जापान और जर्मनी जैसे देशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विशेष भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अब तक करीब 65 युवाओं को जापान में रोजगार दिलाया जा चुका है, जबकि कई अन्य युवा विभिन्न देशों में रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया में हैं।
कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि जर्मनी में स्वास्थ्य सेवाओं और विशेष रूप से नर्सिंग क्षेत्र में प्रशिक्षित पेशेवरों की काफी मांग है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए विदेश रोजगार प्रकोष्ठ द्वारा जर्मन भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है, ताकि उत्तराखंड के युवा इस अवसर का लाभ उठा सकें।
टिहरी गढ़वाल की सपना राणा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, पौखाल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने स्टेट नर्सिंग कॉलेज, देहरादून से नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। मुख्यमंत्री कौशल उन्नयन एवं वैश्विक रोजगार योजना के तहत जर्मन भाषा का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्होंने जर्मनी में रोजगार के लिए आवेदन किया और चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की।
सपना राणा की यह सफलता राज्य के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है। उनकी उपलब्धि यह दर्शाती है कि सही प्रशिक्षण, कौशल विकास और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर युवा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शानदार करियर बना सकते हैं। राज्य सरकार का मानना है कि आने वाले समय में अधिक से अधिक युवाओं को विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उत्तराखंड के विकास को भी नई गति मिलेगी।