पीएम मोदी दिखाएंगे पहली Hydrogen Train को हरी झंडी, 200 बच्चों को मिलेगा खास सफर

भारतीय रेलवे के इतिहास में 17 जुलाई 2026 एक ऐतिहासिक दिन के रूप में दर्ज होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ईंधन आधारित यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस ट्रेन के संचालन के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने हाइड्रोजन तकनीक पर आधारित यात्री रेल सेवा शुरू की है। यह परियोजना रेलवे के आधुनिकीकरण और स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इस ऐतिहासिक यात्रा का सबसे खास आकर्षण जींद के 200 स्कूली बच्चे होंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस अत्याधुनिक ट्रेन में सफर करने का अवसर मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को नई तकनीक, स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। उद्घाटन समारोह को यादगार बनाने के लिए रेलवे और शिक्षा विभाग ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं। उत्तरी रेलवे के निर्देश पर जींद के पांच चयनित स्कूलों में कक्षा सातवीं और आठवीं के विद्यार्थियों के लिए ‘हाइड्रोजन ऊर्जा और विकसित भारत’ विषय पर निबंध और ड्राइंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन उद्घाटन यात्रा के लिए किया जाएगा। विजेता छात्रों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों सम्मानित किए जाने की भी योजना है।
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित की गई है। यह ट्रेन जींद-सोनीपत रेलखंड पर चलेगी और आधुनिक तकनीक से लैस होगी। इसकी सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह डीजल या पारंपरिक ईंधन की जगह हाइड्रोजन फ्यूल सेल तकनीक पर आधारित होगी, जिससे प्रदूषण लगभग शून्य रहेगा और ट्रेन से केवल पानी की भाप ही उत्सर्जित होगी। रेलवे अधिकारियों के अनुसार हाइड्रोजन ट्रेन पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ भविष्य की टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी। इससे कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और भारत हरित ऊर्जा आधारित परिवहन प्रणाली को बढ़ावा देने वाले देशों की श्रेणी में मजबूत स्थान बनाएगा। 17 जुलाई को हाइड्रोजन ट्रेन के उद्घाटन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद और नरवाना के नवनिर्मित अमृत भारत रेलवे स्टेशनों का भी लोकार्पण करेंगे। इन परियोजनाओं से हरियाणा के रेल नेटवर्क को नई मजबूती मिलेगी और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। रेलवे का मानना है कि यह पहल देश के परिवहन क्षेत्र में नई तकनीक और हरित विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।




