पंजाब में नशे के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। वहीं बड़े ड्रग हैंडलर्स की संपत्ति जब्त करने के साथ उनके घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। खास बात यह है कि अब नशे के खिलाफ गांव व ग्राम पंचायतें भी आगे आ रही हैं। इसी मुहिम के तहत बरनाला में नशे के खिलाफ युद्ध अभियान के तहत बरनाला पुलिस की नशा विरोधी मुहिम का 113 पंचायतें हिस्सा बनी हैं। पंचायतों ने पुलिस को नशे के खात्मे के लिए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में डीआईजी पटियाला रेंज मनदीप सिंह सिद्धू ने पंचायतों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया और आम जनता से इस अभियान का पुरजोर समर्थन करने की अपील की। वहीं पंजाबी फिल्म उद्योग के प्रमुख कलाकार सरदार सोही और रूपिंदर रूपी भी विशेष रूप से उपस्थित हुए। उन्होंने पंजाब पुलिस और सरकार के नशा विरोधी प्रयासों की सराहना की।
डीआईजी मनदीप सिंह सिद्धू ने कहा कि बरनाला की 113 पंचायतों ने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस की नशे के खिलाफ मुहिम में सहयोग देने का आश्वासन दिया है। पंचायतें नशा विरोधी अभियान में पुलिस का पूरा सहयोग करेंगी। वहां पंचायतों ने नशे के आदी लोगों से इलाज कराने का आग्रह किया है। वहीं, नशा तस्करों को चेतावनी दी है कि ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा। डीआईजी ने कहा कि यह नशा विरोधी अभियान एक जन आंदोलन बन चुका है और जो अभियान जन आंदोलन बन जाता है, वह हर परिस्थिति में सफल होता है। पंजाब पुलिस नशे की लत से पीड़ित लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करेगी। इसके साथ पंचायतों और आम जनता का सहयोग बहुत जरूरी है। पटियाला रेंज के अंतर्गत संगरूर, बरनाला, मलेरकोटला और पटियाला जिलों में बड़े पैमाने पर नशा तस्करों की संपत्तियां जब्त की जा रही हैं। जिन लोगों ने नशीले पदार्थ बेचना बंद नहीं किया, उन्हें असम जेल में तबदील कर दिया गया है। नशीली दवाओं के तस्करों को अब ये गंदे काम बंद कर देने चाहिए।