पंजाब में एक बार फिर बम धमाकों की धमकी से जुड़ा मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। इस बार एक धमकी भरा ईमेल सामने आया है, जिसमें अमृतसर के प्रसिद्ध दुर्गियाना मंदिर सहित कई बड़े धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने की बात कही गई है। इसके साथ ही राज्य सचिवालय को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
इसी तरह पटियाला के ऐतिहासिक श्री काली माता मंदिर को भी ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिलने की जानकारी सामने आई है। इन धमकियों में 6 जून 1984 से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कुछ धार्मिक स्थलों को नुकसान पहुंचाने की बात लिखी गई है, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है।
ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से ठीक पहले मिली इन धमकियों के चलते पुलिस और खुफिया एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए डीएसपी संजीव सिंगला की अगुवाई में पुलिस टीम ने मंदिर परिसर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पूरे क्षेत्र की गहन जांच की गई और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया।
डीएसपी संजीव सिंगला ने जानकारी देते हुए बताया कि मंदिर परिसर की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए निजी सुरक्षा कर्मियों के अलावा लगभग 40 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं।
दुर्गियाना मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। मंदिर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की बारीकी से जांच की जा रही है, वहीं खुफिया एजेंसियां भी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
दुर्गियाना मंदिर एवं बड़ा हनुमान मंदिर समिति के अध्यक्ष डॉ. राकेश शर्मा ने स्पष्ट किया कि मंदिर प्रबंधन को सीधे तौर पर कोई धमकी भरा ईमेल, फोन या पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि यह जानकारी उन्हें मीडिया और प्रशासनिक स्रोतों के माध्यम से मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ असामाजिक तत्व समाज में डर और अफवाह फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, इसलिए श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।