जेल से बाहर आते ही निकली ‘पहाड़ की शेरनी’ की हेकड़ी, ज्योति अधिकारी ने वीडियो जारी कर मांगी माफी।

हल्द्वानी: उत्तराखंड की चर्चित और अक्सर विवादों में रहने वाली सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी बुधवार को जेल से रिहा हो गई हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड के विरोध प्रदर्शन के दौरान अभद्र टिप्पणी, लोक देवताओं का अपमान और दराती लहराने के आरोपों में वह पिछले 6 दिनों से न्यायिक हिरासत में थीं।

बदली-बदली नजर आई ‘शेरनी’: जो ज्योति अधिकारी खुद को सोशल मीडिया पर “पहाड़ की शेरनी” कहकर लोगों को धमकियां देती नजर आती थीं, जेल से बाहर आते ही उनके तेवर पूरी तरह शांत दिखे। बुधवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में वह काफी डरी-सहमी नजर आईं और उन्होंने हाथ जोड़कर जनता से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि उनका मकसद किसी की धार्मिक या व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था।

कानूनी पेच में फंसी मुश्किलें: भले ही हल्द्वानी के मुखानी थाने में दर्ज दो मामलों में उन्हें जमानत मिल गई हो, लेकिन उनकी राह अभी आसान नहीं है। जानकारी के अनुसार:

  • 7 नए मुकदमे: कुमाऊं मंडल के अलग-अलग जिलों (अल्मोड़ा और ऊधमसिंह नगर) में उनके खिलाफ सात नई एफआईआर दर्ज हुई हैं।
  • पुलिस का नोटिस: पुलिस ने उन्हें नए मुकदमों के संबंध में नोटिस तामील करा दिया है, जिसका मतलब है कि उन्हें अभी अन्य अदालतों के भी चक्कर काटने होंगे।

वकील का पक्ष: ज्योति के अधिवक्ता जितेंद्र बिष्ट ने बताया कि अनजाने में हुई गलतियों के लिए ज्योति रील बनाकर सार्वजनिक रूप से माफी मांगेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जानबूझकर किसी का अपमान नहीं किया गया था, लेकिन कानून की प्रक्रिया का सम्मान करते हुए वे हर जिले में अपना पक्ष रखेंगे।

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