उत्तराखण्ड

किसानों की समृद्धि के लिए ‘हाई वैल्यू’ खेती पर जोर, मुख्य सचिव ने सेलाकुई में परखा सगन्ध पौधा केन्द्र का काम।

देहरादून, 15 जनवरी 2026: प्रदेश के मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने आज सेलाकुई स्थित सगन्ध पौधा केन्द्र (CAP) का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड के किसानों की आय बढ़ाने के लिए पारंपरिक खेती के साथ-साथ हाई वैल्यू एरोमैटिक (सगन्ध) फसलों का उत्पादन और प्रसंस्करण (Processing) सबसे प्रभावी जरिया है।

मुख्य सचिव के प्रमुख निर्देश और प्राथमिकताएं:

  • डोर स्टेप सुविधा: किसानों को उनके घर के पास ही तकनीकी सहायता और संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
  • 6 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: प्रदेश में तैयार हो रहे 6 सैटेलाइट सेंटर्स को जल्द से जल्द क्रियान्वित करने के निर्देश दिए।
  • शिक्षा और कौशल: परफ्यूमरी सेक्टर में युवाओं के लिए डिप्लोमा और सर्टिफिकेशन कोर्स शुरू किए जाएं ताकि रोजगार के नए अवसर पैदा हों।
  • एकीकृत योजना: फल-सब्जी और अन्य आजीविका योजनाओं को सगन्ध खेती के साथ जोड़कर एक व्यापक मॉडल तैयार किया जाए।

किसानों को मिलने वाली सुविधाएं और सब्सिडी:

निदेशक सगन्ध पौधा केन्द्र, डॉ. निर्पेंद्र चौहान ने बताया कि केंद्र अब एक ‘बिजनेस इनक्यूबेटर’ के रूप में काम कर रहा है:

  • मुफ्त रोपण सामग्री: 5 नाली तक की खेती करने वाले छोटे किसानों को मुफ्त पौधे दिए जा रहे हैं।
  • भारी सब्सिडी: 9 प्रमुख एरोमैटिक फसलों पर 50% सब्सिडी और डिस्टिलेशन यूनिट लगाने के लिए पर्वतीय क्षेत्रों में 75% व मैदानी क्षेत्रों में 50% तक की आर्थिक मदद दी जा रही है।
  • न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP): किसानों को जोखिम से बचाने के लिए 27 एसेंशियल ऑयल उत्पादों का न्यूनतम समर्थन मूल्य भी निर्धारित किया गया है।

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