गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट का भाजपा में विलय, उत्तराखंड में BJP को मिली नई मजबूती

देहरादून:- उत्तराखंड की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट का भारतीय जनता पार्टी में विलय हो गया है। संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष सूर्य विक्रम शाही समेत कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के भाजपा परिवार में शामिल होने पर उनका स्वागत और अभिनंदन किया गया। भाजपा में इस नए जुड़ाव को संगठन के विस्तार और प्रदेश में पार्टी की सामाजिक व राजनीतिक पकड़ को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट के पदाधिकारी भाजपा में शामिल
विलय के दौरान गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट से जुड़े कई प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए। इनमें संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष सूर्य विक्रम शाही, उपाध्यक्ष एडवोकेट आर.बी. नेपाली, सचिव प्रेम सिंह क्षेत्री, इंजीनियर मेघ बहादुर थापा, इंद्रेश उपाध्याय, श्रीमती शुभवंती उपाध्याय और ललित थापा सहित अन्य साथी शामिल रहे। सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भाजपा परिवार में स्वागत किया गया।
विकसित और सशक्त उत्तराखंड के संकल्प को मिलेगी मजबूती
इस अवसर पर कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकसित एवं सशक्त उत्तराखंड के लक्ष्य की दिशा में यह जुड़ाव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। भाजपा का मानना है कि नए लोगों और संगठनों के जुड़ने से पार्टी को प्रदेश स्तर पर और मजबूती मिलेगी तथा विकास और जनहित से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने में सहयोग प्राप्त होगा।
गोरखा समाज से जुड़ाव को लेकर भी अहम माना जा रहा घटनाक्रम
गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट के भाजपा में विलय को उत्तराखंड की राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने से पार्टी का सामाजिक आधार मजबूत होने की उम्मीद है। उत्तराखंड में गोरखा समाज की अपनी महत्वपूर्ण पहचान और भागीदारी रही है। ऐसे में गोरखा डेमोक्रेटिक फ्रंट का भाजपा में विलय राजनीतिक और संगठनात्मक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
भाजपा परिवार में किया गया स्वागत
कार्यक्रम में शामिल सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भाजपा परिवार में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस दौरान विकसित उत्तराखंड और राज्य को अधिक सशक्त बनाने के संकल्प के साथ मिलकर काम करने की बात कही गई। राजनीतिक रूप से इस घटनाक्रम को भाजपा के संगठन विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।




