कर्णप्रयाग घटना के बाद पांवटा साहिब गुरुद्वारे में डटे निहंगों और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हो गई। बैठक में दोनों पक्षों के बीच पूरे घटनाक्रम को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। हरिद्वार के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) नवनीत सिंह भुल्लर सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।
बैठक के दौरान प्रशासन की ओर से पूरे मामले में निष्पक्ष, पारदर्शी और कानून के अनुसार कार्रवाई का भरोसा दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी निष्पक्षता के साथ की जाएगी और किसी भी कार्रवाई में कानून का पूरी तरह पालन किया जाएगा।
निहंगों ने प्रशासन को दिया दो दिन का समय
बैठक के दौरान निहंग प्रतिनिधियों ने प्रशासन को अपनी मांगों पर कार्रवाई के लिए दो दिन का समय दिया। उन्होंने कहा कि वे अगले दो दिनों तक पांवटा साहिब में ही रुकेंगे और प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करेंगे।
निहंगों का कहना है कि उनके नजरबंद साथियों को रिहा किए जाने के बाद ही वे वापस लौटेंगे। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
प्रशासन ने निष्पक्ष कार्रवाई का दिया भरोसा
हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि पूरे मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा और सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की भी अपील की, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी रहे।
बातचीत के बाद माहौल हुआ शांत
बैठक के बाद दोनों पक्षों के बीच सकारात्मक माहौल देखने को मिला। प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच हुई रचनात्मक बातचीत के बाद तनाव पहले की तुलना में कम हुआ है। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि संवाद के माध्यम से इस मामले का समाधान निकाला जा सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें अगले दो दिनों पर टिकी हैं। यदि प्रशासन की ओर से आश्वासन के अनुरूप कार्रवाई होती है, तो मामले के शांतिपूर्ण समाधान की संभावना और मजबूत हो सकती है।