पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की है कि वह पांच मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वह आम आदमी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए सात राज्यसभा सांसदों के मुद्दे को राष्ट्रपति के समक्ष उठाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मामला लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के जनादेश से जुड़ा हुआ है, इसलिए इस पर गंभीरता से चर्चा की जाएगी।
चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा 15 भारतीय नागरिकों को वापस भारत भेजा जा रहा है। इनमें 11 लोग पंजाब से संबंधित हैं, जबकि दो तेलंगाना, एक उत्तराखंड और एक हरियाणा का निवासी है। उन्होंने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के अनुसार इन लोगों पर वहां के कानूनों के उल्लंघन के आरोप हैं, जिसके चलते उन्हें डिपोर्ट किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने राज्य में सिंचाई व्यवस्था को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भाखड़ा बांध से लगभग 21 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा, जिससे पंजाब के विभिन्न जिलों में एक से तीन मई के बीच नहरों के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जल प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रही है।
जालंधर में आम आदमी पार्टी की प्रस्तावित बैठक को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह केवल पार्टी के पर्यवेक्षकों की बैठक है और इसे किसी विशेष राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक गतिविधियां पार्टी का नियमित हिस्सा हैं।
रेलवे ट्रैक पर हुए हालिया विस्फोट की घटना पर भी मुख्यमंत्री ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस और राज्य की जांच एजेंसियां केंद्रीय एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है और सभी पहलुओं की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के इन बयानों के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर हलचल बढ़ गई है। राष्ट्रपति से प्रस्तावित मुलाकात, ऑस्ट्रेलिया से डिपोर्ट किए जा रहे पंजाबियों का मुद्दा, सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता और सुरक्षा से जुड़े मामलों को लेकर आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं देखने को मिल सकती हैं।