उत्तराखंड की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा फेरबदल देखने को मिल सकता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मंत्रिमंडल विस्तार (Dhami cabinet expansion) अब पितृपक्ष के बाद कभी भी संभव माना जा रहा है।
पितृपक्ष के बाद नए मंत्रियों की एंट्री
जानकारी के अनुसार, 7 सितंबर से शुरू हो रहा पितृपक्ष 21 सितंबर तक चलेगा। परंपरा के अनुसार इस अवधि में कोई बड़ा राजनीतिक या धार्मिक निर्णय नहीं लिया जाता। ऐसे में माना जा रहा है कि नवरात्र शुरू होते ही मुख्यमंत्री धामी अपनी नई कैबिनेट का ऐलान कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, इसको लेकर मुख्यमंत्री धामी और हाईकमान के बीच गहन चर्चा हो चुकी है। बीते कुछ दिनों से मुख्यमंत्री आवास और कैंप ऑफिस में लगातार विधायकों का आना-जाना बढ़ गया है, जो इस संभावना को और मजबूत करता है।
दो मौजूदा मंत्री बाहर हो सकते हैं
सूत्रों की मानें तो इस विस्तार में दो मौजूदा मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है। हालांकि उन्हें संगठन की अहम जिम्मेदारी देकर पार्टी चुनावी तैयारी को और धार देने की रणनीति बना रही है। इसके अलावा, कुछ नए और युवा विधायकों को मंत्रिमंडल में जगह देने पर भी मंथन चल रहा है, ताकि उन्हें अनुभव और जिम्मेदारी दोनों मिल सके।
दिल्ली से हरी झंडी का इंतजार
इस समय पूरी राजनीति की निगाहें दिल्ली पर टिकी हैं। जैसे ही हाईकमान से हरी झंडी मिलेगी, धामी कैबिनेट विस्तार की औपचारिक घोषणा हो जाएगी। माना जा रहा है कि यह फेरबदल न केवल सरकार की कार्यशैली में नया उत्साह लाएगा, बल्कि आगामी चुनावी रणनीति को भी मजबूती देगा।
जनता की उम्मीदें और राजनीतिक समीकरण
राज्य की जनता भी इस बार के विस्तार पर नजरें गड़ाए बैठी है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि नए मंत्री राज्य के विकास, रोज़गार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर अधिक ध्यान देंगे। वहीं, राजनीतिक हलकों में इसे धामी सरकार के लिए इमेज बिल्डिंग और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है।