उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों की गहन समीक्षा की। इस बैठक में राज्य के समस्त जिलाधिकारियों, उच्चाधिकारियों और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
मुख्यमंत्री ने दिए समन्वय और त्वरित कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और प्रभावितों तक तुरंत मदद पहुँचाई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर परिस्थिति में आपदा प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रभावित परिवारों को प्रत्येक परिवार के लिए 5-5 लाख रुपये की राहत राशि तुरंत उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही राशन और दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुएं समय पर सभी प्रभावितों तक पहुँचाने का भी निर्देश दिया गया।
नदियों और सड़कों की निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि नदियों के जलस्तर की निरंतर निगरानी रखी जाए और बंद पड़ी सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने का कार्य तुरंत किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से स्यानाचट्टी के पास यमुना नदी में जमा मलबे को हटाने और इसे सुरक्षित तरीके से निस्तारित करने के लिए मशीनों का उपयोग करने के निर्देश दिए।
भविष्य की तैयारियों पर जोर
धामी ने यह भी कहा कि बारिश समाप्त होते ही संपूर्ण क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत और सुधार कार्यों में तेजी लाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए भी कहा कि 15 सितंबर के बाद शुरू होने वाली चारधाम यात्रा को देखते हुए सभी आवश्यक तैयारियाँ पूरी तरह से चाक-चौबंद हों।
अधिकारियों को अलर्ट रहने की हिदायत
मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को मौसम चेतावनी को गंभीरता से लेने और लगातार अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके। मुख्यमंत्री धामी ने बैठक के अंत में अधिकारियों से यह अपेक्षा जताई कि हर परिवार तक राहत सामग्री समय पर पहुँचाई जाए और राज्य में आपदा प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी तरह प्रभावी और पारदर्शी बनी रहे।