पंजाब की सड़कों पर पैदल चलना लगातार खतरनाक होता जा रहा है। हालात यह हैं कि प्रदेश में औसतन रोज दो पैदल यात्रियों की सड़क हादसों में मौत हो रही है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पिछले तीन वर्षों में पैदल यात्रियों की मौतों की दर में 22 फीसदी तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़े राज्य में पैदल चलने के लिए सुरक्षित ढांचागत सुविधाओं की कमी को उजागर करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022 में 608 पैदल यात्रियों की हादसों में मौत हुई थी, जो 2023 में बढ़कर 716 हो गई। वर्ष 2024 में यह आंकड़ा 746 तक पहुंच गया। लगातार बढ़ती यह संख्या संकेत देती है कि सड़क सुरक्षा उपायों में गंभीर खामियां बनी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कों के डिजाइन में पैदल यात्रियों को प्राथमिकता न देना और फुटपाथों का अभाव इन हादसों का बड़ा कारण है।