uttarakhand

CM धामी का बड़ा ऐलान: उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, 2026 से केवल आधुनिक शिक्षा ही मान्य!

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक कार्यक्रम के दौरान राज्य की शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट किया। उन्होंने न केवल शिक्षकों के सम्मान की बात की, बल्कि राज्य के शैक्षिक ढांचे में बड़े बदलावों का भी ऐलान किया।

1. मदरसा शिक्षा पर ‘ऐतिहासिक’ और ‘कड़ा’ प्रहार

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट घोषणा की है कि राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है।

  • डेडलाइन: 1 जुलाई 2026 के बाद उत्तराखंड में केवल वही मदरसे चलेंगे जो सरकार द्वारा निर्धारित आधुनिक सिलेबस पढ़ाएंगे।
  • उद्देश्य: मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य बच्चों का समग्र विकास है, उन्हें “500 साल पुरानी कबीलाई मानसिकता” की ओर धकेलना नहीं। अब बिना शैक्षिक योग्यता के धार्मिक आधार पर बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले गुरुओं पर नियंत्रण लगाया जाएगा।

2. शिक्षक समाज के मार्गदर्शक: सम्मान और सुरक्षा सर्वोपरि

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को समाज की चेतना को दिशा देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार शिक्षकों को सुरक्षित, सम्मानित और संतुष्ट रखने के लिए प्रतिबद्ध है, क्योंकि शिक्षक ही उन्नत समाज का आधार हैं।

3. आधुनिक शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट (NEP-2020)

उत्तराखंड देश का पहला राज्य है जिसने नई शिक्षा नीति (NEP) लागू की। अब राज्य के विश्वविद्यालयों में भविष्य के कोर्स शुरू किए जा रहे हैं:

  • आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
  • मशीन लर्निंग (ML) और बिग डेटा
  • मॉडल कॉलेज: राज्य में 20 नए मॉडल कॉलेजों और 9 नए महाविद्यालयों की स्थापना हो रही है।

4. युवाओं के लिए वैश्विक अवसर और प्रोत्साहन

सरकार युवाओं को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि उन्हें ‘जॉब गिवर’ बनाना चाहती है:

  • शेवनिंग छात्रवृत्ति: ब्रिटेन के साथ समझौते के तहत उत्तराखंड के 5 मेधावी छात्र मास्टर्स के लिए विदेश जाएंगे।
  • प्रोत्साहन राशि: देश के टॉप 100 संस्थानों में प्रवेश लेने वाले युवाओं को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।
  • स्टार्टअप: राज्य सरकार युवाओं को स्टार्टअप के माध्यम से स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है।

5. नकल माफिया पर वार और रिकॉर्ड नियुक्तियां

मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार मुक्त चयन प्रक्रिया पर जोर देते हुए कहा:

  • सख्त कानून: देश का सबसे कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है, जिसके तहत 100 से अधिक माफिया जेल में हैं।
  • नियुक्तियां: पिछले साढ़े चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरी मिली है, जो राज्य गठन के बाद से किसी भी सरकार द्वारा दी गई नियुक्तियों का दो-तिहाई हिस्सा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News