हरिद्वार महिला हत्याकांड का खुलासा: पुलिस मुठभेड़ में एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार; शव मिलने के 10 दिन बाद सुलझी गुत्थी

हरिद्वार। उत्तराखंड के हरिद्वार में हाईवे किनारे एक अज्ञात महिला का शव मिलने के मामले में पुलिस ने महत्वपूर्ण सफलता हासिल करने का दावा किया है। शव मिलने के लगभग दस दिन बाद पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस फरार आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, वहीं मृतका की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले हरिद्वार-देहरादून हाईवे स्थित आस्था पथ के पास झाड़ियों में एक महिला का शव बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला दबाकर हत्या बताया गया। इसके बाद अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। मृतका की पहचान न होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर विशेष टीमें गठित की गईं, जिन्होंने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया।
जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों के बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी क्रम में मृतका के साथ दो संदिग्ध युवक दिखाई दिए, जिनके आधार पर पुलिस ने उनकी तलाश तेज कर दी। पुलिस का कहना है कि बुधवार देर रात उत्तरी हरिद्वार क्षेत्र में चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल पर सवार दो संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि संदिग्धों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक युवक के पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा मौके से भाग निकला। घायल आरोपी को गिरफ्तार कर अस्पताल में उपचार के बाद हिरासत में लिया गया। उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए जाने की भी जानकारी पुलिस ने दी है।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने कथित रूप से घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि घटना वाली रात महिला को हर की पैड़ी क्षेत्र से चंडी चौक के पास ले जाया गया था। इसके बाद पैसों को लेकर विवाद होने पर कथित रूप से महिला की हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को झाड़ियों में फेंक दिया और महिला के मोबाइल से संबंधित साक्ष्यों को नष्ट करने का प्रयास किया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के कथित बयान की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। मामले में अभी कई पहलुओं की जांच जारी है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। एसपी सिटी अभय प्रताप सिंह ने बताया कि मृतका की पहचान अब तक नहीं हो पाई है। इसके लिए उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों की पुलिस से भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मृतका की पहचान और दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामले में और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।




