रूस में बंधक बनाए जाने की खबर निकली अफवाह, पिथौरागढ़ के दोनों भाई सुरक्षित; पुलिस ने वीडियो कॉल से की पुष्टि

पिथौरागढ़: रूस में रोजगार के लिए गए उत्तराखंड के पिथौरागढ़ निवासी दो सगे भाइयों के बंधक बनाए जाने की खबर पुलिस जांच में भ्रामक साबित हुई है। पिथौरागढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि दोनों युवक रूस में पूरी तरह सुरक्षित हैं, वैध वर्क परमिट पर नौकरी कर रहे हैं और नियमित रूप से अपने परिवार के संपर्क में हैं। जानकारी के अनुसार, धारचूला के रांथी गांव निवासी भूपेंद्र सिंह कार्की और आनंद सिंह कार्की, जिनका परिवार वर्तमान में पिथौरागढ़ के चिमस्यानौला क्षेत्र में रहता है, 5 मई 2026 को तीन वर्ष के वर्क परमिट पर रूस गए थे। उन्हें सितारगंज स्थित एक ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से विदेश भेजा गया था।
कुछ दिन पहले परिजनों ने कई दिनों तक संपर्क न होने की आशंका जताते हुए जिलाधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद दोनों भाइयों के बंधक बनाए जाने की चर्चा सामने आई, जिस पर जिला प्रशासन और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। पुलिस ने संबंधित ट्रैवल एजेंसी से भी पूछताछ की और मामले के सभी पहलुओं की जांच की। जांच के दौरान पुलिस ने वीडियो कॉल के माध्यम से आनंद सिंह कार्की से सीधे बातचीत की। उन्होंने बताया कि वह और उनके भाई मास्को स्थित एक कोरियर कंपनी के वेयरहाउस में बारकोड स्कैनिंग का कार्य कर रहे हैं। दोनों के पास उनके पासपोर्ट सुरक्षित हैं, वे किसी भी प्रकार के बंधन में नहीं हैं और आवश्यकता पड़ने पर स्वतंत्र रूप से भारत लौट सकते हैं।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दोनों युवकों और कंपनी के बीच वेतन को लेकर कुछ मतभेद जरूर थे, जिसके कारण गलतफहमी और अफवाह फैल गई। हालांकि, बंधक बनाए जाने जैसी कोई स्थिति नहीं पाई गई। इससे पहले भूपेंद्र सिंह कार्की की पत्नी ने पति से लंबे समय तक संपर्क न होने की चिंता जताई थी। उन्होंने बताया था कि परिवार मानसिक तनाव से गुजर रहा है। इसी शिकायत के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ और मामले की विस्तृत जांच कराई गई। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से मिलने वाली अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास करने से पहले आधिकारिक जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।




