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गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्रियों से की बात, पाकिस्तानी नागरिकों की जल्द वापसी सुनिश्चित करने का निर्देश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों से बात की। उन्होंने सभी से अपने-अपने राज्यों में सभी पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करने और उनकी शीघ्र पाकिस्तान वापसी सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने को कहा। शाह ने कई मुख्यमंत्रियों से बात कर ली है और बाकियों से भी वे बात कर रहे हैं। इस बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने  पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की। सूत्रों के मुताबिक, अमित शाह ने शुक्रवार को सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन किया और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पाकिस्तानी नागरिक देश छोड़ने के लिए निर्धारित समय सीमा से आगे भारत में न रहे। भारत ने गुरुवार को 27 अप्रैल से पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए सभी वीजा रद्द करने की घोषणा की थी और पाकिस्तान में रहने वाले भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द घर लौटने की सलाह दी थी। मुख्यमंत्रियों को यह भी कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों की पहचान करें और उनका निर्वासन सुनिश्चित करें।

दरअसल, जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में दहशतगर्दों ने 26 लोगों (दो स्थानीय और दो विदेशी नागरिकों) को मौत के घाट उतार दिया था। हमला मंगलवार को अपराह्न करीब तीन बजे हुआ, जब आतंकवादी बैसरन घाटी में पहाड़ से नीचे उतरे और वहां पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस स्थान को लंबे हरे-भरे घास के मैदानों के कारण ‘मिनी स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है।  हमले के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बातचीत की थी और उनसे सभी उचित कदम उठाने को कहा था। उसी दिन अमित शाह ने आपात बैठक बुलाई। बैठक में कई शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए गए।

अब तक सरकार ने पाकिस्तान को कौन-कौन सी चोटें दीं?

  • सबसे पहले भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सरकार ने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा-पार आतंकवाद को समर्थन देना बंद नहीं कर देता, तब तक यह संधि निलंबित रहेगी।
  • अटारी एकीकृत चेक पोस्ट बुधवार को ही बंद कर दी गई। जिन लोगों ने अनुमोदन के साथ सीमा पार की है, उन्हें 1 मई से पहले उस रास्ते से लौटने की अनुमति है।
  • सरकार ने अब पाकिस्तानी नागरिकों को सार्क वीजा छूट योजना (एसवीईएस) वीजा के तहत भारत आने की अनुमति नहीं दी है। पाकिस्तानी नागरिकों को पहले जारी किए गए एसवीईएस वीजा रद्द कर दिए गए हैं। एसवीईएस वीजा रखने वाले सभी पाकिस्तानियों को 48 घंटे में भारत छोड़ने के लिए कहा गया है।
  • नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग में रक्षा, सैन्य, नौसेना और वायु सलाहकारों को अवांछित घोषित कर दिया गया और उन्हें देश छोड़ने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया। भारत ने यह भी घोषणा की कि वह इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग से अपने रक्षा कर्मचारियों को वापस बुलाएगा।
  • भारत ने कहा कि वह 1 मई तक और कटौती करके उच्चायोगों की कुल संख्या को वर्तमान 55 से घटाकर 30 कर देगा।
  • सरकार ने बीते दिन पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसने सभी पाकिस्तानी नागरिकों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने को कहा। हालांकि, जिनके पास मेडिकल वीजा है वे केवल 29 अप्रैल तक ही रह सकते हैं।
  • सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पंजाब के अटारी, हुसैनीवाला और सादकी में रिट्रीट समारोह के दौरान औपचारिक प्रदर्शन को कम करने का एक सुनियोजित निर्णय लिया। प्रमुख बदलावों में भारतीय गार्ड कमांडर और समकक्ष गार्ड कमांडर के बीच प्रतीकात्मक हाथ मिलाने की प्रक्रिया को निलंबित करना भी शामिल है। समारोह के दौरान गेट बंद रहेंगे। बीएसएफ ने कहा कि यह कदम सीमा पार दुश्मनी पर भारत की गंभीर चिंता को दर्शाता है। शांति और उकसावे एक साथ नहीं रह सकते।

 

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