उत्तराखण्ड

ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के लिए बनाई जाएगी एकीकृत विकास योजना

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा कि ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के लिए एकीकृत विकास योजना बनाई जाए। इसमें बुनियादी विकास के साथ ही आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत है।  विधानसभा भवन में कोविड काल के बाद गैरसैंण विकास परिषद की पहली बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने गैरसैंण के विकास को लेकर अधिकारियों को जरूरी सुझाव और निर्देश दिए। बैठक में पूर्व में स्वीकृत कार्यों की समीक्षा की गई। बताया गया कि 128 में 119 कार्य पूरे हो गए हैं। नौ लंबित योजनाओं की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा स्वीकृत योजनाओं की दूसरी किस्त जारी नहीं होने पर प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि गैरसैंण में बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने की जरूरत है। उन्होंने क्षेत्र के विकास के लिए स्वयं सहायता समूहों व युवाओं को जोड़ने का सुझाव दिया। इसके लिए कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए।

इन योजनाओं कोस्वीकृति

ग्राम गडोत में महिला मिलन केंद्र निर्माण, ग्राम लामबगड़ में साईं मंदिर सौंदर्यीकरण कार्य, ग्राम पंचायत नैल (खनसर) में महिला मिलन केंद्र निर्माण, ग्राम चौरासैंण व पंचाली में पांडव खोली निर्माण, ग्राम सभा ढमकर के पज्याणा तल्ला में खडंजा सीसी मार्ग निर्माण, ग्राम सिलंगी में फील्ड निर्माण, नगर पंचायत गैरसैंण के तहत सुनार गांव (धारगैड) पांडव खोली में मंच निर्माण, विकासखंड गैरसैंण के ग्रामसभा कोठा के घुगती कोट गदेरे में पुलिया निर्माण किया जाएगा।

बैठक में ये रहे मौजूद

 

बैठक में कर्णप्रयाग के विधायक अनिल नौटियाल,विधायक द्वारघाट से मदन सिंह बिष्ट, नगर पालिका अध्यक्ष पीएस रावत, अपर सचिव ऊर्जा अहमद इकबाल, उदय राज सिंह, ललित नारायण मिश्र, डीके कोठारी, सुनील कुमार, अभिनव रावत, दीपक कुमार, निशांत भंडारी, अनुपम शर्मा, अरुण प्रताप सिंह, सुभाष चंद्र आदि मौजूद थे।

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