बिहार

पटना पुस्तक मेला का उद्घाटन करने पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

पटना पुस्तक मेला का उद्घाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। पुस्तक मेला पद्म भूषण शारदा सिन्हा और पद्मश्री उषा किरण खान को समर्पित है। आयोजन को लेकर आकर्षक पंडाल बनाए गए हैं। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने पुस्तक मेला में विभिन्न प्रकाशनों द्वारा लगाये गए स्टॉल का जायजा लिया। सेंटर फॉर रीडरशिप डेवलपमेंट के तत्वावधान में लगाया गया पटना पुस्तक मेला 6 से 17 दिसम्बर तक चलेगा। पटना पुस्तक मेला में इस बार की थीम ‘पेड़, पानी, जिंदगी, पर्यावरण बदलो अभी रखा गया है। सीएम ने पुस्तक मेला में लगायी गयी पेंटिंग प्रदर्शनी तथा विकसित भारत @ 2047 फोटो प्रदर्शनी सह जागरुकता अभियान का उद्घाटन किया। पुस्तक मेला परिभ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जल और हरियाली सुरक्षित रहेगा, तभी जीवन सुरक्षित होगा क्योंकि जल और हरियाली के बीच ही जीवन संभव है। इसको लेकर हमलोगों ने वर्ष 2019 में जल-जीवन-हरियाली अभियान की शुरूआत की थी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष उदयकांत मिश्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, नालंदा खुला विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर पद्मश्री आरके सिन्हा, जिलाधिकारी डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, वरीय पुलिस अधीक्षक राजीव मिश्रा भी साथ रहे।

सीएम नीतीश कुमार ने देखी कैथी लिपि की किताब

पटना गाँधी मैदान में लगे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने आकर विभाग द्वारा रिलीज की गई कैथी लिपि की पुस्तिका का अवलोकन किया। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री को इस पुस्तिका की विशेषता के बारे में जानकारी दी। बताया कि बिहार में जितनी तरह की कैथी लिपि प्रचलित हैं, उनसभी का समावेश इसमें किया गया है। इसके अलावा एसीएस ने मुख्यमंत्री को बताया कि भूमि सर्वेक्षण से संबंधित सर्वे प्रश्नोत्तरी (FAQ) भी यहाँ उपलब्ध है। बिहार में तिरहुत, मगध एवं मैथिल क्षेत्रों में पुराने खतियान कैथी लिपि में हैं, जिससे आमलोगों को इनको समझने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

आमलोगों की सुविधा के लिये विभाग की वेबसाइट पर भी इसे अपलोड कर दिया गया है, जहाँ से लोग इसे निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए अपर मुख्य सचिव ने बताया कि हमारी कोशिश है कि लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो और मेला घूमने आने वाले लोग राजस्व विभाग के स्टॉल पर आकर विभाग की सेवाओं का लाभ भी ले सकें। साथ ही लोग अपने गाँव का नक्शा निर्धारित शुल्क देकर प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हम कोई नई भाषा सीखते हैं, उसी तरह से कैथी लिपि की यह पुस्तिका लोगों को अपने पुराने खतियान समझने में मदद करेगी। भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे. प्रियदर्शिनी ने इस पुस्तिका की विशेष जानकारी देते हुए बताया कि कुछ जिलों के पुराने खतियान कैथी लिपि में हैं। सर्वे कर्मियों सहित आमलोगों को भी इसे समझने में परेशानी होती थी। निदेशालय द्वारा जल्द हीं इसे प्रिंट करवाकर एक पुस्तक के रूप में आमलोगों को एक नियत शुल्क पर उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे सर्वे संबंधित कार्यों में पारदर्शिता और तेजी आएगी।

सर्वे संबंधित समस्या का ऑन-द-स्पॉट किया निराकरण

पटना पुस्तक मेला में पालीगंज ब्लॉक से आए संजय कुमार ने अपनी समस्या विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह के समक्ष रखी। समस्या ऑनलाइन म्यूटेशन हेतु आवेदन से संबंधित थी। अपर मुख्य सचिव द्वारा विभाग के स्टॉल पर कार्यरत कर्मी को त्वरित समाधान हेतु निर्देश दिया गया। कुछ ही देर में उनकी समस्या का समाधान हो गया। पालीगंज निवासी संजय कुमार ने बताया कि ऑनलाइन म्यूटेशन हेतु आवेदन लंबे समय से नहीं ही पा रहा था। जाँच करने से पता चला कि सॉफ्टवेयर में तकनीकी समस्या के कारण उनके पूरे ब्लॉक में यह दिक्कत थी। उन्होंने कहा कि पुस्तक मेले में आने से यह लाभ हुआ कि यह काम बहुत जल्दी और आसानी से सम्पन्न हो गया। साथ ही उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा पुस्तक मेले में लगाये गये स्टॉल के माध्यम से जो सेवाएं दी जा रही है, वह आम नागरिकों के लिए अच्छी पहल है।

फोटो प्रदर्शनी सह जागरुकता अभियान का हुआ उद्घाटन

 

गांधी मैदान पटना में आयोजित पटना पुस्तक मेला में 12 दिवसीय फोटो प्रदर्शनी सह जागरुकता अभियान का उदघाटन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और सराहा। मौके पर सीबीसी-पीआईबी पटना के कार्यक्रम प्रमुख सह उपनिदेशक संजय कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि भारत सरकार की महत्वकांक्षी योजनाओं जैसे विश्वकर्मा योजना योजना, आयुष्मान कार्ड आदि के बारे में फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से विस्तार से बताया गया है। साथ ही सूचना एवं  प्रसारण  मंत्रालय के ओटीटी प्लेटफॉर्म वेव्स के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। प्रसार भारती ने वेव्स को लॉन्च किया है, जिसमें 12 भाषाओं में 65 से ज्यादा लाइव चैनल फिल्में गेम और लाइव इवेंट शामिल हैं। संजय कुमार ने कहा कि  इस फोटो प्रदर्शनी सह जागरुकता अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के सभी तबकों को केंद्र की  योजनाओं से जोड़ना है ताकि लोग सरकारी योजना का लाभ उठा सकें। बाद  में कार्यक्रम के नोडल अधिकारी अमरेन्द्र मोहन और नवल झा ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान लोक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर लोगों को जानकारी दी जाएगी। मौके पर प्रतिदिन प्रश्नोत्तरी का भी आयोजन किया जाएगा और विजेता को पुरुस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

यहां से मिलेगा प्रवेश

पुस्तक मेले में प्रवेश करने के लिए गांधी मैदान के गेट नंबर 5, 6 और 10 से लोगों की इंट्री होगी। 17 दिसंबर तक पुस्तक प्रेमियों को 2 लाख से अधिक पुस्तकों को पढ़ने, जानने और समझने का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही कई विभागों और शिक्षण संस्थान संस्थाओं ने भी स्टॉल लगाया है। इंस्टॉल पर पाठकों को विभाग और प्रतियोगी वह प्रवेश परीक्षाओं की जानकारी मिलेगी।

पुस्तक मेला में यह भी है सुविधा 
गांधी मैदान में शुरू हुए पुस्तक मेले में पुस्तकों जानने के साथ-साथ पाठक कई महत्वपूर्ण सेवाएं भी ले सकते हैं। यहां राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से एक अलग स्टॉल लगाया गया है, जिसका उद्देश्य आम जन को विभाग की ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी देना और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इस स्टॉल पर लोग अपने गांव का नक्शा निर्धारित दर पर प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही जमाबंदी, पंजी एवं राजस्व दस्तावेजों की डिजिटाइज्ड की प्रति प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा की चकबंदी एवं म्युनिसिपल सर्वे के नक्शा की प्रति भी प्राप्त कर सुविधा और निर्धारित शुल्क पर राजस्व विभाग की सभी ऑनलाइन सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। कोई भी रैयत ₹10 की पर्ची पर अपना डिटेल, खाता, खेसरा, गांव का नाम, राजस्व, थाना नंबर, आंचल और जिला स्तर पर नाम भरकर तथा ₹150 प्रतिशत के हिसाब से भुगतान कर गांव का नक्शा हासिल कर सकते हैं।

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