इंसाफ की पुकार या आपसी रंजिश का बाजार? सोशल मीडिया के शोर में कहां खो गई अंकिता!

कभी देवभूमि की सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, हाथों में जलती मोमबत्तियां और एक ही गूंज थी—…