उत्तराखंड में बारिश का कहर: ऑरेंज अलर्ट के बीच कई जिलों में स्कूल बंद, प्रशासन हाई अलर्ट पर

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार सक्रिय मानसून ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा राज्य के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किए जाने के बाद शासन, जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। एहतियात के तौर पर बागेश्वर, टिहरी और चंपावत जिलों में 29 जुलाई को कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित कर दिया गया है, ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
29 और 30 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 जुलाई को उत्तराखंड के कई हिस्सों में तेज बारिश, गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तीव्र वर्षा की संभावना है। 29 जुलाई को विशेष रूप से देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश होने के आसार हैं। वहीं 30 जुलाई को बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तरकाशी, देहरादून, पौड़ी, टिहरी और नैनीताल में भी भारी वर्षा की संभावना जताई गई है।
प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पूरी तरह सतर्क
लगातार खराब मौसम को देखते हुए उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस और संबंधित विभागों को पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। जिला प्रशासनों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
नदी-नाले उफान पर, भूस्खलन का खतरा बढ़ा
राज्य के पर्वतीय इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों और गदेरों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई स्थानों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे सड़क मार्ग बाधित हो रहे हैं। कई राष्ट्रीय और ग्रामीण सड़कें मलबा आने के कारण प्रभावित हुई हैं, जिसके चलते यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बिना अत्यंत आवश्यक कारण यात्रा से बचें। यदि यात्रा करना जरूरी हो तो मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी ताजा अपडेट देखकर ही निकलें। नदी-नालों के आसपास जाने से बचें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।
स्कूलों की छुट्टी का फैसला सुरक्षा के मद्देनज़र
जिला प्रशासन का कहना है कि लगातार खराब मौसम और भारी वर्षा की संभावना को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण कई जिलों में स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है। आगे मौसम की स्थिति के अनुसार अन्य जिलों में भी आवश्यक निर्णय लिए जा सकते हैं। उत्तराखंड में मानसून का प्रभाव अभी जारी रहने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक मौसम बुलेटिन एवं सरकारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है।




