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साइकिल विवाद के बाद श्रमिकों से जुड़ी सभी योजनाएं ठप

देहरादून: आपको बता दें कि करीब दो साल पहले तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकार ने कर्मकार बोर्ड भंग करते हुए अध्यक्ष पद से तत्कालीन श्रम मंत्री हरक सिंह रावत को हटा दिया था। इसके साथ ही बोर्ड में विवादों नंे घर कर लिया थाउसके बाद बोर्ड में नए अध्यक्ष शमशेर सिंह सत्याल आए उनके आने के बाद तमाम तरह की जांचें हुईं। गौरतलब है कि साइकिलों के आवंटन को लेकर सवाल खड़े हुए तो देहरादून, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिलों के डीएम ने इस प्रकरण की जांच की। जांच रिपोर्ट भी आई लेकिन अब भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में साइकिल विवाद ऐसा गहराया कि श्रमिकों से जुड़ी सभी योजनाएं ठप हो गईं हैं ।

दो साल से कर्मकार बोर्ड न तो साइकिलें खरीद पाया और न ही टूलकिट व अन्य सामान हालात यह हैं कि सात माह से कर्मकार बोर्ड भंग है जबकि नियमानुसार हर दो माह में बोर्ड बैठक में श्रमिकों के कल्याण से जुड़े फैसले होते हैं।
साईकिल विवाद के बाद कर्मकार बोर्ड स्पेशल ऑडिट भी हुआ यहां तक की मामला हाईकोर्ट तक गया जिस पर सरकार ने हलफनामा देकर स्वीकार किया कि बोर्ड में कोई घोटाला नहीं हुआ था। लेकिन अब इस उठापटक के बीच कर्मकार बोर्ड की श्रमिकों से संबंधित योजनाएं ठप पड़ गईं। श्रमिकों के लिए टूलकिटए साइकिलए छाताए कंबल आदि की खरीद नहीं हुई तो महिला श्रमिकों के लिए सैनिटरी नैपकिन और सिलाई मशीनों की भी खरीद नहीं हो पाई।

हालात यह हो गए कि अब कर्मकार बोर्ड केवल श्रमिकों के बच्चों के विवाह और पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति जैसे कार्यों तक सीमित रह गया है। कोरोना महामारी के दौरान श्रमिकों को राशन बांटने का काम भी एक बार ही हो पाया। पिछले साल सितंबर.अक्तूबर में नया बोर्ड भी भंग हो गया था तब से लेकर आज तक बिना बोर्ड सदस्यों के ही कर्मकार बोर्ड चल रहा है जिसके अध्यक्ष की जिम्मेदारी श्रम सचिव चंद्रेश कुमार पर है। बोर्ड की सचिव ने कहा कि अभी बोर्ड अस्तित्व में नहीं है और बोर्ड ही हर तरह की खरीद पर फैसला लेता है।

कर्मकार बोर्ड में साइकिलों के आवंटन में सवाल खड़े होने के बाद जिलाधिकारियों के स्तर से जांच हुई थी। हरिद्वार के डीएम ने इस मामले में एसआईटी जांच की सिफारिश की थी। अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित सतर्कता समिति ने साइकिल आवंटन की एसआईटी जांच का निर्णय लिया है।जिलाधिकारियों की रिपोर्ट में भी यह साफ हुआ था कि साइकिलें हासिल करने वालों का सत्यापन नहीं हो रहा है लिहाजा इसकी एसआईटी जांच का निर्णय लिया गया है। . चंद्रेश कुमार, सचिव, श्रम एवं अध्यक्ष कर्मकार बोर्ड।

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