भाजपा के पूर्व विधायक की सरेआम ‘गुंडागर्दी’! गौ-सेवा पर सवाल पूछा तो छीन लिया माइक

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के महत्वकांक्षी अभियान “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम में उस समय हड़कंप मच गया, जब भाजपा के किच्छा से पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने सरेआम एक शिकायतकर्ता के साथ बदसलूकी की। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे भाजपा की छवि पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
गौ-माता के सवाल पर बिगड़ा विधायक का मानसिक संतुलन
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम के दौरान एक जागरूक नागरिक मंच पर आकर गौ-माता के संरक्षण और उनसे जुड़ी समस्याओं को जनप्रतिनिधियों के सामने रख रहा था। जैसे ही शिकायतकर्ता ने गौ-रक्षा के मुद्दे पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की घेराबंदी शुरू की, वहीं मौजूद पूर्व विधायक राजेश शुक्ला आपा खो बैठे। वह अपनी जगह से उठे और तिलमिलाते हुए सीधे शिकायतकर्ता के हाथ से माइक छीन लिया।
माइक छीनने के बाद दी सरेआम धमकी
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि माइक छीनने के बाद पूर्व विधायक रुके नहीं, बल्कि उन्होंने शिकायतकर्ता को धमकाना शुरू कर दिया। वहां मौजूद लोग विधायक के इस ‘तानाशाही’ बर्ताव को देखकर दंग रह गए। मौके पर उपस्थित जनता ने तुरंत अपने मोबाइल कैमरों में यह शर्मनाक वाकया कैद कर लिया, जो अब इंटरनेट पर बहस का मुद्दा बना हुआ है।
जनता का आक्रोश: “तो फिर कार्यक्रमों का मतलब क्या?”
इस घटना के बाद किच्छा की जनता में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सरकार खुद जनता के द्वार आ रही है, तो उनके प्रतिनिधियों को जनता के कड़वे सवाल सुनने का धैर्य भी रखना चाहिए। लोगों ने आरोप लगाया कि यदि सरेआम मंच पर ही जनता की आवाज दबाई जाएगी और उन्हें धमकाया जाएगा, तो ऐसे सार्वजनिक सुनवाई कार्यक्रमों का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा।
विपक्षी दलों ने भी इस वीडियो को लपकते हुए भाजपा पर निशाना साधा है और इसे ‘सत्ता का अहंकार’ करार दिया है। फिलहाल इस मामले पर भाजपा आलाकमान की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है




