उत्तराखंड में बारिश का कहर: मसूरी में मकान पर गिरे दो विशाल पेड़, CM धामी ने दिया हाई अलर्ट का आदेश

देहरादून/मसूरी: उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, पेड़ गिरने और सड़कें बाधित होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसी बीच मसूरी के स्प्रिंग रोड क्षेत्र में बड़ा हादसा होते-होते टल गया, जब एक मकान पर दो विशाल पेड़ और सुरक्षा पुश्ता अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे में मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई और भारी मात्रा में मलबा घर के अंदर तक पहुंच गया। राहत की बात यह रही कि घर में मौजूद सभी लोग समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए और कोई जनहानि नहीं हुई।

मकान पर गिरे दो विशाल पेड़, परिवार बाल-बाल बचा
जानकारी के अनुसार, सुबह करीब 8 बजे मसूरी के स्प्रिंग रोड स्थित भंडारी निवास के पास सुनीता सेमवाल के मकान पर भारी बारिश के चलते दो बड़े पेड़ और पुश्ता गिर गया। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई और मलबा कमरों तक पहुंच गया, जिससे भवन को काफी नुकसान हुआ।

फायर सर्विस ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। फायर कर्मियों ने वुड कटर की सहायता से मकान पर गिरे पेड़ों को काटकर हटाया और राहत एवं बचाव अभियान चलाया। इसके बाद मलबा हटाने का कार्य भी शुरू कराया गया, जिससे आगे किसी बड़े हादसे की आशंका टल गई। अभियान में अग्निशमन अधिकारी धीरज सिंह तड़ियाल के नेतृत्व में फायर कर्मी राकेश कुमार, नितिन सिंह चौहान, अभिषेक कुकरेजी और देवेंद्र मलिक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कुछ देर बाद वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और क्षतिग्रस्त क्षेत्र का निरीक्षण किया।
प्रशासन और जनप्रतिनिधि पहुंचे मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही नगर पालिका परिषद मसूरी की अध्यक्ष मीरा सकलानी, क्षेत्रीय सभासद पवन थलवाल और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवार से मुलाकात कर नुकसान का आकलन किया और नियमानुसार राहत सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में प्रशासन का पूरा सहयोग किया।
मुख्यमंत्री धामी ने दिए हाई अलर्ट के निर्देश
प्रदेश में लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस, SDRF, NDRF और संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी आपदा की सूचना पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएं और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधन बिना देरी के उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने, जेसीबी, पोकलेन, डोजर और अन्य मशीनरी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रखने तथा राहत कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।
हेली सेवाएं भी रहेंगी पूरी तरह अलर्ट
सीएम धामी ने दुर्गम और आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए हेली सेवाओं को भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर राहत सामग्री, चिकित्सा सहायता और रेस्क्यू ऑपरेशन तुरंत शुरू किए जा सकें। इसके अलावा उन्होंने विद्युत, पेयजल और संचार सेवाएं बाधित होने की स्थिति में संबंधित विभागों को प्राथमिकता के आधार पर तुरंत बहाल करने के निर्देश भी दिए हैं।
29 और 30 जुलाई के लिए ऑरेंज अलर्ट
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 29 और 30 जुलाई के लिए उत्तराखंड के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज गर्जना की संभावना है। 30 जुलाई को बागेश्वर, चंपावत और पिथौरागढ़ में भी भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि उत्तरकाशी, पौड़ी, टिहरी, देहरादून और नैनीताल में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
प्रशासन की अपील
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेशवासियों और चारधाम यात्रियों से अपील की है कि मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें, अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करें।



