पंजाब का बजट सत्र 6 मार्च से शुरू हो जाएगा। 8 मार्च को मान सरकार अपने वर्तमान कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करेगी। बजट संबंधी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा बजट से पूर्व काफी उत्साहित दिख रहे हैं। यह बजट सूबा सरकार के रंगला और बदलता पंजाब मिशन को पूरा करने के लिए अच्छे खासे बजटीय प्रावधान पर केंद्रित रहेगा। चूंकि यह चुनावी साल है तो लाजिमी है कि इस चुनावी बजट में सौगातों का पिटारा खुलेगा। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, औद्योगिक विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल सेक्टर से संबंधित योजनाओं के लिए बजट बढ़ाया जाएगा। खास ताैर पर मुख्यमंत्री सेहत योजना, एमएसएमई, ग्रामीण विकास, रंगला पंजाब विकास स्कीम, खेडदां पंजाब-बदलता पंजाब योजना और लिंक मार्गों के निर्माण संबंधी परियोजनाओं के लिए बजट में इजाफा किया जाएगा।
महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये देने की घोषणा के साथ-साथ कुछ महीने का बकाया देने पर भी विचार चल रहा क्योंकि विपक्ष सूबे की महिलाओं को सरकार से 48 महीने का बकाया मांगने के लिए उकसा रहा है। पंथक एजेंडे को मजबूती देने के लिए कुछ विशेष घोषणाएं भी की जा सकती हैं। ये घोषणाएं पंजाब में धार्मिक नगरियों व स्थानों के विकास से संबंधित हो सकती हैं।
बढ़ता कर्ज बड़ी चुनाैती
अनुमान से ज्यादा कर्ज वर्तमान में सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती है। इस वित्त वर्ष की शुरुआत में अनुमानित ऋण 3.97 लाख करोड़ रुपये था जो वर्तमान में करीब 4.17 लाख करोड़ है। हालांकि वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा दावा करते हैं कि कर्ज की यह दर पिछली सरकारों के अपेक्षाकृत कम है। साल 2024-25 में कर्ज 3.62 लाख करोड़, 2023-24 में 3.26 लाख करोड़, 2022-23 में 2.94 लाख करोड़, 2021-22 में 2.63 लाख करोड़ व 2021-21 में सूबा सरकार का कर्ज 2.50 लाख करोड़ था। वित्तमंत्री दावा करते हैं कि कांग्रेस के कार्यकाल में साल 2016-17 से साल 2021-22 तक राज्य का ऋण 44.23 प्रतिशत तक बढ़ा था।
मान सरकार के चार बजट
– साल 2025-26 में 2,36,080 करोड़ का बजट व्यय प्रस्तावित व 14 प्रतिशत वृद्धि
– साल 2024- 25 में 2,04,918 करोड़ का बजट व्यय प्रस्तावित व 4.12 प्रतिशत वृद्धि
– साल 2023-24 में 196462 करोड़ का बजट व्यय प्रस्तावित व 26 प्रतिशत वृद्धि
– साल 2022-23 में 155860 करोड़ का बजट व्यय प्रस्तावित व 14 प्रशित वृद्धि
हर वर्ग के लिए होगा बजट : चीमा
वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा कहते हैं कि आप सरकार का लक्ष्य पंजाब को फिर से समृद्ध बनाते हुए उसकी खोई पहचान को लौटाना है। इसके लिए सूबा सरकार पिछले चार साल से विभिन्न लक्ष्य तय कर आगे बढ़ रही है। 46 महीनों (करीब चार साल) में पंजाब में न केवल राजस्व बढ़ा है बल्कि राज्य की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) दर में भी 3.11 फीसदी की वृद्धि हुई है। अन्य मदों में अपेक्षाकृत आय बढ़ी है जिसके चलते इस बार पूंजीगत व्यय में भी इजाफा हुआ है।