टिहरी गढ़वाल में स्थित लखवाड़ बांध परियोजना क्षेत्र में प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने और निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी छह माह तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का कहना है कि परियोजना क्षेत्र में संभावित धरना-प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी और अनधिकृत गतिविधियों की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। जारी आदेश के अनुसार परियोजना के सभी निर्माण स्थलों और संवेदनशील क्षेत्रों के 500 मीटर के दायरे में पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। इसके साथ ही बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा, प्रदर्शन, रैली या सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थानीय ग्रामीणों को अपने घरों तक आने-जाने और कृषि कार्यों के लिए आवश्यक आवाजाही की अनुमति रहेगी, लेकिन उन्हें प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। परियोजना क्षेत्र में हथियार, ज्वलनशील पदार्थ या अन्य आपत्तिजनक सामग्री लेकर जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा परियोजना के कार्यालयों, आवासीय परिसरों, निर्माण स्थलों और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का अनधिकृत प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि सरकारी मशीनरी, वाहनों या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने तथा अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपजिला मजिस्ट्रेट धनोल्टी नीलू चावला द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से अफवाह, भड़काऊ संदेश या शांति व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री का प्रसार भी प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि परियोजना के सफल और शांतिपूर्ण संचालन के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।