प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत उत्तराखंड ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन दर्ज किया है। योजना के अंतर्गत स्वीकृत मकानों को तेजी से जमीन पर उतारने यानी ग्राउंडिंग अनुपात के मामले में उत्तराखंड को ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य’ के रूप में सम्मानित किया गया है।
विज्ञान भवन में मिला राष्ट्रीय सम्मान
नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने उत्तराखंड को इस उपलब्धि के लिए सम्मानित किया। राज्य सरकार की ओर से शहरी विकास विभाग के निदेशक एवं अपर सचिव विनोद गोस्वामी और सहायक निदेशक राजीव पांडे ने राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किया।
3,979 मकान मंजूर, 1,867 की ग्राउंडिंग पूरी
शहरी विकास विभाग के निदेशक विनोद गोस्वामी के मुताबिक, PM आवास योजना (शहरी) 2.0 का उद्देश्य शहरों में रहने वाले बेघर और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना है। उत्तराखंड के लिए केंद्र सरकार ने कुल 3,979 मकानों को मंजूरी दी है। इनमें से 1,867 मकानों की ग्राउंडिंग, यानी निर्माण की नींव रखने का काम पूरा हो चुका है। अगस्त 2026 में केंद्र सरकार ने राज्य के लिए 1,647 अतिरिक्त मकानों को मंजूरी दी थी। इन मकानों के लिए धनराशि सितंबर 2026 में राज्य को प्राप्त हुई। अब सरकार यह राशि नगर निगमों और नगरपालिकाओं समेत संबंधित स्थानीय निकायों को हस्तांतरित कर रही है, ताकि शेष मकानों का निर्माण भी तेजी से शुरू कराया जा सके।
2,332 मकानों के लिए फंड जारी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, केंद्र सरकार की ओर से अब तक 2,332 मकानों के निर्माण के लिए धनराशि जारी की जा चुकी है। इनमें से करीब 88 प्रतिशत मकानों पर निर्माण संबंधी जमीनी काम शुरू हो चुका है। शहरी विकास विभाग स्थानीय निकायों के साथ समन्वय कर निर्माण कार्यों की लगातार निगरानी कर रहा है।
PM आवास योजना 1.0 में भी रहा बड़ा काम
उत्तराखंड का प्रदर्शन PM आवास योजना (शहरी) 2.0 तक सीमित नहीं है। योजना के पहले चरण यानी PMAY-U 1.0 के तहत राज्य में कुल 62,272 मकान मंजूर किए गए थे। इनमें से 53,320 पक्के मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। इस चरण में केंद्र सरकार की ओर से 1,000 करोड़ रुपये से अधिक और राज्य सरकार की ओर से करीब 300 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध कराया गया।
अलग-अलग योजनाओं से हजारों परिवार लाभान्वित
PM आवास योजना के विभिन्न घटकों के माध्यम से भी बड़ी संख्या में परिवारों को लाभ मिला है। लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC): अपनी जमीन रखने वाले पात्र परिवारों को मकान निर्माण के लिए सहायता दी गई। इस घटक के तहत 19,380 मकान पूरे हो चुके हैं। भागीदारी में किफायती आवास (AHP): बिल्डरों और सरकारी एजेंसियों की भागीदारी से बनाए जाने वाले 15,960 मकानों में से 11,848 मकानों का निर्माण पूरा हो चुका है। ब्याज सब्सिडी योजना (CLSS): होम लोन के जरिए मकान बनाने या खरीदने वाले 19,190 लाभार्थियों को केंद्र सरकार की ओर से ब्याज सब्सिडी का लाभ मिला है।शहरी विकास विभाग के अनुसार, सरकार का लक्ष्य योजना के दायरे में आने वाले प्रत्येक पात्र परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। निर्माणाधीन आवासों को जल्द पूरा कर लाभार्थियों को उनके घर की चाबी सौंपने की दिशा में काम तेज किया जा रहा है।