uttarakhandउत्तराखण्ड

न्याय की गुहार:- बच्ची से दुष्कर्म की घटना से नैनीताल में उबाल, आरोपी पर कार्रवाई शुरू

हल्द्वानी मुखानी क्षेत्र के कठघरिया में जन जागरण कार्यक्रम करने के लिए जुटे युवा संकल्प सेवा समिति के कार्यकर्ताओं की शुक्रवार को पुलिस से झड़प हो गई। भीड़ ज्यादा होने व शहर की शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका पर भाजयुमो के प्रदेश मंत्री सहित चार लोगों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मामले की जानकारी लगते ही विहिप, बजरंग दल और भाजपा कार्यकर्ताओं ने कोतवाली का घेराव कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। सुबह दस बजे से साढ़े 12 बजे तक हंगामा चलता रहा और उनकी पुलिस से नोकझोंक भी हुई। सभी को जल्द छोड़ने के आश्वासन पर कार्यकर्ता शांत हुए।

भाजयुमो के प्रदेश मंत्री विपिन पांडेय ने बालिका से दुष्कर्म की घटना के बाद जन जागरण कार्यक्रम के आयोजन की रणनीति बना ली थी। मुखानी थाने क्षेत्र के कठघरिया में डेढ़ सौ से दो लोग इकट्ठा हो गए। यहां सभा शुरू होते ही सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी, एसपी सिटी प्रकाश चंद्र फोर्स के साथ पहुंच गए। प्रशासन यहां कार्यक्रम आयोजकों से ज्ञापन लेना चाहती थी लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसी बीच थाना प्रभारी ने भाजयुमो के प्रदेश मंत्री विपिन पांडे के साथ यतिन पांडे, नितिन और चंदू को हिरासत में ले लिया। इसकी सूचना मिलते ही भाजपा से जुड़े लोग और कार्यकर्ता हल्द्वानी कोतवाली पहुंच गए। यहां अतिरिक्त पुलिस बल पहले से मौजूद था। भाजपाइयों ने कोतवाली में नारेबाजी की और विपिन पांडे व अन्य को छोड़ने की मांग रखी। डेढ़ से दो घंटे तक चले हंगामे से तनातनी का माहौल बना रहा। बीच-बीच में पुलिसकर्मियों के साथ नेता व कार्यकर्ताओं की नोकझोंक भी चली। बाद में पुलिस अफसरों ने आश्वासन देकर सबको वापस भेजा।

विपिन पांडे व तीन अन्य भाजपाइयों को लेकर पुलिस पहले टीपीनगर चौकी पहुंची। दस मिनट यहां रोकने के बाद टीम उन्हें गौलापार ले गई। यहां भी तकरीबन 10 से 15 मिनट रोका गया। यहां से चोरगलिया थाने ले जाया गया। चोरगलिया से दोपहर बाद मुखानी थाने लाया गया। यहां से करीब तीन सभी को छोड़ दिया गया।

जन जागरण कार्यक्रम शांतिपूर्वक चल रहा था। जैसे ही माइक उठाया पुलिस ने छीन लिया। मेरा अपराध बताए बिना पुलिस ने मेरी व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी की। चौकी से थाने तक घुमाते रहे। शाम को तीन बजे मुखानी से छोड़ दिया गया। इससे पहले किसी कागज पर हस्ताक्षर भी कराए गए। विपिन पांडे, प्रदेश मंत्री भाजयुमो

सिटी मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस टीम कठघरिया गई थी। प्रशासन मौके पर जाकर ही उनका ज्ञापन लेना चाहता था। लोगों ने ज्ञापन देने से मना किया और कहा कि पुलिस प्रशासन से बात नहीं करनी है। ऐसे में बीएनएस की नई धारा में मिली शक्ति का उपयोग करते हुए थाना प्रभारी ने चार लोगों को हिरासत में लिया। बाद में सभी को छोड़ दिया गया। पुलिस के सामने शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना पहली प्राथमिकता है। –प्रकाश चंद्र, एसपी सिटी

 

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Parvat Sankalp News