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वंदे मातरम विवाद का जिक्र कर नड्डा का कांग्रेस पर हमला, राहुल गांधी के धरने पर उठाए सवाल

केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता जेपी नड्डा ने संसद मार्ग पुलिस थाने के बाहर राहुल गांधी के धरने को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। नड्डा ने आरोप लगाया कि देश एक बार फिर राहुल गांधी की ऐसी राजनीति देख रहा है, जिसका उद्देश्य मुद्दे से ज्यादा मीडिया का ध्यान आकर्षित करना है। जेपी नड्डा ने राहुल गांधी को ‘कैमराजीवी’ बताते हुए कहा कि उनका यह प्रदर्शन न तो छात्रों के हित में है और न ही न्याय की मांग को लेकर। नड्डा के मुताबिक, यह कांग्रेस की राजनीतिक हताशा और राहुल गांधी की मीडिया में बने रहने की कोशिश को दिखाता है। राहुल गांधी 20 जुलाई की घटना में घायल हुए 19 वर्षीय साहिल लोचब के मामले में FIR दर्ज करने की मांग को लेकर संसद मार्ग थाने के बाहर धरने पर बैठे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि पुलिस ने शिकायत मिलने के बावजूद अब तक FIR दर्ज नहीं की है।

नड्डा ने अपने बयान में सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस घटना का संज्ञान लिए जाने का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय हाई-पावर्ड कमेटी गठित की जा चुकी है। भाजपा नेता ने सवाल उठाया कि जब देश की सर्वोच्च अदालत पहले ही मामले को देख रही है और जांच के लिए कमेटी गठित हो चुकी है, तो राहुल गांधी पुलिस थाने के बाहर कैमरों के सामने बैठकर क्या साबित करना चाहते हैं। नड्डा ने यह भी सवाल उठाया कि क्या विपक्ष के नेता को देश की न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है। उन्होंने राहुल गांधी के प्रदर्शन को ‘कैमरा केंद्रित’ बताते हुए आरोप लगाया कि इसका मकसद न्यायिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बजाय मीडिया में सुर्खियां हासिल करना है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब मामला पहले से ही न्यायिक प्रक्रिया के तहत है, तब इस तरह का प्रदर्शन करने का औचित्य समझ से परे है। उन्होंने कांग्रेस पर राजनीतिक मुद्दे को लेकर जनता का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

जेपी नड्डा ने प्रदर्शन के समय को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल उठाया। उन्होंने ‘वंदे मातरम’ से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर देशभर में आलोचना का सामना कर रही है। नड्डा ने एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता द्वारा तिरंगे की शक्ल वाले केक काटे जाने के विवाद का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को इस मामले में हो रही राजनीतिक आलोचना से बचाने और जनता का ध्यान दूसरी तरफ मोड़ने के लिए राहुल गांधी ने धरने का रास्ता अपनाया है। भाजपा नेता के मुताबिक, राहुल गांधी का प्रदर्शन कांग्रेस के सामने खड़े राजनीतिक विवादों से लोगों का ध्यान हटाने की कोशिश है। हालांकि, वंदे मातरम और केक से जुड़े आरोप जेपी नड्डा की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोप हैं।

नड्डा के बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। कांग्रेस जहां साहिल लोचब मामले में FIR दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग कर रही है, वहीं भाजपा राहुल गांधी के प्रदर्शन को राजनीतिक और मीडिया केंद्रित कदम बता रही है। राहुल गांधी के धरने और जेपी नड्डा की प्रतिक्रिया ने एक बार फिर भाजपा-कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी को तेज कर दिया है। अब नजर इस बात पर है कि साहिल लोचब मामले में पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है और इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच विवाद आगे किस दिशा में बढ़ता है।

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