उत्तराखण्ड

Hemkund Sahib Snowfall: हेमकुंड साहिब में सीजन की पहली बर्फबारी, बर्फ की चादर में ढका गुरुद्वारा; केदारनाथ यात्रा भी प्रभावित

चमोली:-  उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित सिखों के पवित्र तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब में गुरुवार, 17 सितंबर को सीजन की पहली बर्फबारी हुई। सुबह बारिश के साथ हुई बर्फबारी के बाद पूरा क्षेत्र सफेद चादर से ढक गया। बर्फ से ढके हेमकुंड साहिब और आसपास की चोटियों का खूबसूरत नजारा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

बर्फबारी के बीच श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

सीजन की पहली बर्फबारी के बीच भी श्रद्धालुओं में खासा उत्साह नजर आया। सिख श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेककर दर्शन किए और बर्फबारी का आनंद लिया। बर्फ से ढकी चोटियों और गुरुद्वारा परिसर का नजारा श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बना हुआ है।

हेमकुंड साहिब यात्रा में बढ़ी श्रद्धालुओं की संख्या

बरसात का असर कम होने के बाद हेमकुंड साहिब यात्रा में भी तेजी देखने को मिल रही है। इन दिनों प्रतिदिन करीब 1500 से 1800 श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। हेमकुंड साहिब के साथ फूलों की घाटी में भी पर्यटकों की आवाजाही बढ़ रही है। हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के मैनेजर सेवा सिंह के अनुसार, यात्रा सुचारु और व्यवस्थित तरीके से चल रही है। 16 सितंबर को 1,894 श्रद्धालुओं ने हेमकुंड साहिब में दर्शन किए। ट्रस्ट के आंकड़ों के मुताबिक 16 सितंबर तक कुल 3,26,828 श्रद्धालु हेमकुंड साहिब में मत्था टेक चुके हैं।

केदारनाथ धाम में बारिश, यात्रा मार्ग पर बढ़ी सतर्कता

वहीं, रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में भी बारिश और खराब मौसम का असर देखने को मिल रहा है। चीरबासा हेलीपैड के पास केदारनाथ पैदल मार्ग पर बारिश के कारण मलबा और पत्थर गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों की आवाजाही को नियंत्रित किया है। हालिया प्रशासनिक जानकारी के मुताबिक सोनप्रयाग और गौरीकुंड से केदारनाथ की ओर यात्रियों को रोका गया था। चीरबासा क्षेत्र में पहाड़ी से पत्थर गिरने के कारण मार्ग को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। मौसम में सुधार और मार्ग को सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही सामान्य आवाजाही बहाल करने की बात कही गई है।

ऐसे में हेमकुंड साहिब में जहां पहली बर्फबारी ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों के उत्साह को बढ़ा दिया है, वहीं केदारनाथ क्षेत्र में खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

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