पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की सक्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। मई 2026 तक लगभग हर बड़े राजनीतिक दल का कोई न कोई प्रभावशाली चेहरा ईडी की जांच, छापेमारी, गिरफ्तारी या संपत्ति कुर्की जैसी कार्रवाई का सामना कर रहा है।सबसे चर्चित मामला पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़ा है। ईडी ने फर्जी जीएसटी बिलिंग, हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े 100 करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले में चंडीगढ़ और लुधियाना स्थित ठिकानों पर छापेमारी के बाद उन्हें गिरफ्तार किया।
मोहाली से विधायक कुलवंत सिंह के यहां रियल एस्टेट और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में कार्रवाई हो चुकी है जबकि अमरगढ़ से विधायक जसवंत सिंह गज्जनमाजरा को बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया जा चुका है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े ओएसडी के करीबी नितिन गोहिल पर हुई छापेमारी ने भी सरकार की मुश्किलें बढ़ाई हैं।