उत्तराखण्ड

एसीएस राधा रतूड़ी ने कहा बेरोजगार संगठन की सभी मांगों को सरकार ने माना

भर्तियों में धांधली के मामलों को लेकर युवाओं और विपक्ष की ओर से लगातार सरकार के खिलाफ आंदोलन किया जा रहा है। प्रदेश सरकार की ओर से उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए कठोर नकल अध्यादेश लागू कर दिया गया है। इसके तहत दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। अपर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने इस मामले को लेकर कहा कि धामी सरकार का नकल विरोधी कानून देश के सबसे कठोरतम कानूनों में से एक है। सरकार का उद्देश्य है कि छात्रों का हित सुरक्षित रहे। राज्य में नकल माफियाओँ के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो इसके साथ ही छात्रों को भड़काने और भ्रामक खबरों पर रोक लगाना इस कानून का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि बेरोजगार संगठन की सरकार ने सभी मांगों को माना है, जिसके तहत सख्त नकल विरोधी कानून, जज की निगरानी में परीक्षा की जांच कराने के साथ ही यूकेपीएससी के परीक्षा नियंत्रक को हटाने की मांग थी। जिसको सरकार ने पूरा करते हुए यूकेपीएससी में नए परीक्षा नियंत्रक की तैनाती कर दी है। इसके साथ ही उन्होने उत्तरकाशी में परीक्षार्थी पर हुए मुकदमें में कहा कि आयोग ने पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षा कराई है और परीक्षार्थियों को भी संतुष्ट कराया गया। बावजूद इसके भ्रामक जानकारी परीक्षार्थी के द्वारा दी गई जिसके बाद उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि विगत 12 फरवरी को आयोजित की गई राजस्व उप निरीक्षक पटवारी/लेखपाल की परीक्षा राज्य के 13 जनपदों के 498 परीक्षा केन्द्रों पर पूरी पारदर्शिता एवं शान्तिपूर्ण तरीके से आयोजित की गई।

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