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कैंट बोर्ड की बैठक में निर्णय, प्रेमनगर और गढ़ी-डाकरा में हाउस टैक्स 5% बढ़ा, व्यावसायिक टैक्स में 15% की वृद्धि

देहरादून:-  छावनी परिषद देहरादून के अंतर्गत प्रेमनगर व गढ़ी-डाकरा क्षेत्र में रहने वाले भवन स्वामियों को अब बढ़ा हुआ हाउस टैक्स जमा करना होगा, क्योंकि कैंट बोर्ड ने हाउस टैक्स में पांच प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। इसके अलावा व्यावसायिक भवनों के टैक्स में भी 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। शुक्रवार को हुई कैंट बोर्ड की बैठक में यह निर्णय लिए गए हैं। हाउस टैक्स में 10 प्रतिशत बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव था पर नामित सदस्य के विरोध के कारण इसे पांच प्रतिशत पर सीमित कर दिया गया है।

बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर संजोग सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कैंट क्षेत्र में लगे मोबाइल टावरों से भी शुल्क वसूली को मंजूरी दी गई है। टावर संचालक कंपनियों से वर्ष 1997 से 2017 तक एमडीडीए के मानकों के अनुसार टैक्स वसूला जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया कि पहले पांच साल 50 हजार रुपये शुल्क लिया जाएगा। इसके बाद अगले पांच साल साढ़े बारह हजार और फिर पांच साल के साढ़े बाहर हजार रुपये लिए जाएंगे। 2017 के बाद टैक्स निर्धारण का प्रस्ताव मध्य कमान को भेजा जाएगा। छावनी क्षेत्र में पेड़ कटान की अनुमति से जुड़े कुछ प्रकरण भी बैठक रखे गए। पर पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से बोर्ड अध्यक्ष ने यह प्रस्ताव खारिज कर दिया। उन्होंने कहा है कि मौका मुआयना कर यह देखा जाएगा कि पेड़ कटान की आवश्यकता क्यों है।

वहीं, देहरादून-पांवटा साहिब राजमार्ग चौड़ीकरण के कार्य को लेकर भी अनापत्ति प्रमाण पत्र बोर्ड ने दे दिया है। कैंट बोर्ड की 5170 वर्ग भूमि इस सड़क के चौड़ीकरण की जद में आई है। जिसका 8.53 करोड़ रुपये मुआवजा एनएचएआइ देगा। चौड़ीकरण में कैंट बोर्ड के ट्रंचिंग ग्राउंड का एक बड़ा हिस्सा भी आया है। अनाधिकृत निर्माण के 16 मामलों में कैंट बोर्ड ने भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। इसके अलावा 90 स्ट्रीट लाइटों की खरीद के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की गई। बोर्ड बैठक में कैंट विधायक सविता कपूर, मुख्य अधिशासी अधिकारी हरेन्द्र सिंह व नामित सदस्य विनोद पंवार भी उपस्थित रहे।

कैंट बोर्ड के ट्रेंचिंग ग्राउंड कूड़े से पट चुके हैं। यहां पिछले काफी वक्त से कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। पर अब कचरे का यह पहाड़ जल्द हटेगा। क्योंकि कूड़े का निस्तारण अब नई कंपनी करेगी। बोर्ड बैठक में इससे जुड़ा प्रस्ताव आया, जिसे स्वीकृति प्रदान की गई। नई कंपनी काम शुरू करने से पहले अपना प्रस्तुतिकरण देगी। नामित सदस्य विनोद पंवार ने बैठक में लावारिस पशुओं का मुद्दा उठाया। कहा कि लावारिस पशु हादसों समेत लोगों की परेशानी का सबब बन रहे हैं। रिहायशी क्षेत्रों में भी बड़ी तादाद में लावारिस पशु डेला डाले रहते हैं। जिस पर अध्यक्ष ने गोवंश को लावारिस छोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने का आदेश दिया है।  नामित सदस्य ने प्रेमनगर में बंद पड़े शौचालयों के ध्वस्तीकरण की भी मांग की। कहा कि खंडहर बन चुके इन शौचालयों में गंदगी का अंबार है। इसके अलावा अवांछनीय तत्व भी यहां डेरा डाले रहते हैं। जिस पर अध्यक्ष ने ध्वस्तीकरण का आदेश दिया।

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