राज्यसभा चुनाव को लेकर हरियाणा सरकार पर कांग्रेस का बड़ा हमला

हरियाणा की राजनीति में एक बार फिर राज्यसभा चुनाव को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता आफताब अहमद के साथ आयोजित पत्रकार वार्ता में राज्य सरकार और आईएएस अधिकारी पंकज अग्रवाल की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया और उस समय रिटर्निंग ऑफिसर रहे पंकज अग्रवाल की भूमिका निष्पक्ष नहीं थी।

पत्रकार वार्ता में अशोक अरोड़ा ने कहा कि जब राज्यसभा चुनाव हुआ था, तभी कांग्रेस ने रिटर्निंग ऑफिसर पंकज अग्रवाल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उनका दावा है कि उस समय भी पार्टी ने आशंका जताई थी कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया जा सकता है। अब भ्रष्टाचार से जुड़े एक मामले में पंकज अग्रवाल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस को लगता है कि उस समय उठाए गए सवाल पूरी तरह से निराधार नहीं थे।

अरोड़ा ने आरोप लगाया कि पंकज अग्रवाल के खिलाफ पहले से एफआईआर दर्ज होने के बावजूद उन्हें राज्यसभा चुनाव का रिटर्निंग ऑफिसर नियुक्त किया गया। कांग्रेस का कहना है कि यह निर्णय कई सवाल खड़े करता है और इससे यह संदेह पैदा होता है कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की मंशा थी। उन्होंने दावा किया कि सरकार और अधिकारी के बीच कथित तौर पर समझौता हुआ हो सकता है, हालांकि इस संबंध में उन्होंने कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य सार्वजनिक नहीं किया।

कांग्रेस विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि राज्यसभा चुनाव के दौरान विधायक परमवीर सिंह का वोट गलत तरीके से रद्द किया गया था, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि उस समय भी कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाया था और अब पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

अशोक अरोड़ा ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो उसकी जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में चुनावों की निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार के संदेह को दूर करने के लिए पारदर्शी जांच आवश्यक है।

प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने राज्य में सामने आए बैंक घोटाले का भी उल्लेख किया। अरोड़ा ने कहा कि राज्य के वित्त मंत्री स्वयं मुख्यमंत्री हैं, इसलिए वित्तीय अनियमितताओं और बैंक घोटाले जैसे मामलों की नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी भी सरकार को स्वीकार करनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने या किसी प्रकार की मिलीभगत के आरोपों में सच्चाई पाई जाती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं, इस मामले पर सरकार की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।

(नोट: यह रिपोर्ट कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया आना शेष है।)

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