उत्तराखण्ड

नीट.सुप्रीम कोर्ट से पीजी काउंसलिंग को हरी झंडी

उच्चतम न्यायालय ने नीट.पीजी काउंसलिंग 2021 को हरी झंडी दे दी है।ओबीसी के लिए 27 फीसदी आरक्षण को भी सुप्रीम कोर्ट की ओर से मंजूरी दे दी गई है। वहींए ईडब्लूएस के लिए 10 फीसदी आरक्षण इस साल प्रभावी रहेगा। हालांकि, भविष्य में इस कोटे को जारी रखा जाएगा या नहीं इसका फैसला सुप्रीम कोर्ट करेगा। इस मामले में अगली सुनवाई मार्च के दूसरे हफ्ते में की जाएगी।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और एएस बोपन्ना की बेंच ने यह फैसला सुनाया है । पीठ ने दो दिन की सुनवाई के बाद गुरुवार को मामले में फैसला सुरक्षित रखते हुए टिप्पणी की थी कि उसका आदेश राष्ट्रीय हित को ध्यान में रखेगा और उसी के मद्देनजर नीट काउंसलिंग जल्द ही शुरू होनी चाहिए। शीर्ष अदालत के समक्ष मामला होने के कारण नीट पी.जी पाठ्यक्रमों के लिए काउंसलिंग रोक दी गई है।

जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने आगे कहा कि नीट पीजी 2021 के लिए विस्तृत ईडब्ल्यूएस मानदंड पर एक विस्तृत अंतरिम आदेश की आवश्यकता है। इसे प्रस्तुत करने और आदेश को तैयार करने में कुछ समय लगेगा। तब तक नीट पीजी ई डब्लू एस और ओबीसी कोटे के लिए वर्तमान मानदंड वैध माने जाएंगे।

पीठ ने कहा कि हम पांडे समिति की रिपोर्ट को स्वीकार करते हैं। कार्यालय में दी गई नीट 2021 की विज्ञापन अधिसूचना के अनुरूप नीट पीजी और यूजी की काउंसलिंग आयोजित की जाएगी। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि नीट पीजी और यूजी के लिए ईडब्ल्यूएस की पहचान के लिए बताए गए मानदंड का इस्तेमाल किया जाएगा। पांडेय समिति की रिपोर्ट इस विषय की अंतिम वैधता के अधीन होगी।

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस चंद्रचूड़ ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि हमने छम्म्ज् पीजी और यूजी में ओबीसी के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा है। इस वर्ष 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस कोटे के लिए इस वर्ष के आवेदन स्वीकार होंगे और 3 मार्चए 2022 को होने वाली अंतिम ईडब्ल्यूएस सुनवाई पर संभावित तौर से अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button