देहरादून: देहरादून चिड़ियाघर में आकर्षण का केंद्र बनने वाला नीली आंखों वाला सफेद बाघ तेजस पिछले डेढ़ महीने से अधिक समय से क्वारंटाइन बाड़े में बंद है। 28 सितंबर को ग्वालियर से देहरादून लाए गए तेजस को अब तक पर्यटकों के दीदार के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया है। खास बात यह है कि तेजस के पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय होने के बावजूद उसे सार्वजनिक रूप से देखने के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।आमतौर पर दूसरे स्थान से लाए जाने वाले वन्यजीवों को संक्रमण की आशंका से बचाने और उनके स्वास्थ्य की निगरानी के लिए 20 दिन से एक महीने तक क्वारंटाइन में रखा जाता है। तेजस के मामले में भी इसी प्रक्रिया का पालन किया गया था। हालांकि, निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद भी उसे पर्यटकों के लिए नहीं खोला जा सका। अब इसकी वजह क्वारंटाइन अवधि नहीं, बल्कि बाघ के बाड़े के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री का समय मिलना बताई जा रही है।
28 सितंबर को देहरादून लाया गया था नीली आंखों वाला तेजस
देहरादून चिड़ियाघर में पर्यटकों का आकर्षण बढ़ाने के उद्देश्य से सफेद बाघ तेजस को 28 सितंबर को ग्वालियर, मध्य प्रदेश से लाया गया था। अपनी सफेद चमकदार खाल और नीली आंखों के कारण तेजस को लेकर वन्यजीव प्रेमियों में शुरुआत से ही उत्सुकता बनी हुई है। तेजस के देहरादून पहुंचने के बाद उसे निर्धारित वन्यजीव स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत क्वारंटाइन में रखा गया। इस दौरान पशु चिकित्सकों की निगरानी में उसके स्वास्थ्य, व्यवहार और सक्रियता पर नजर रखी गई, ताकि दूसरे स्थान से आने के कारण किसी संभावित संक्रमण का खतरा न रहे। बताया जा रहा है कि देहरादून पहुंचने के बाद से ही तेजस पूरी तरह स्वस्थ और सक्रिय है। उसके बीमार होने या स्वास्थ्य संबंधी किसी बड़ी समस्या की जानकारी सामने नहीं आई है। इसके बावजूद क्वारंटाइन की अवधि पूरी होने के बाद भी उसे सार्वजनिक बाड़े में शिफ्ट कर पर्यटकों के लिए उपलब्ध नहीं कराया गया।

क्वारंटाइन पूरा, फिर भी पर्यटकों को करना पड़ा इंतजार
वन्यजीवों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाने के बाद कुछ समय तक अलग रखने की व्यवस्था इसलिए की जाती है, ताकि उनके स्वास्थ्य की उचित निगरानी हो सके और किसी तरह का संक्रमण चिड़ियाघर के अन्य वन्यजीवों तक न पहुंचे। सामान्य तौर पर यह अवधि 20 दिन से एक महीने तक होती है। तेजस के मामले में भी शुरुआत में लगभग एक महीने के क्वारंटाइन की उम्मीद जताई गई थी। चिड़ियाघर के पशु चिकित्सक ने भी इसी अवधि के आसपास उसे क्वारंटाइन में रखने की संभावना बताई थी। लेकिन एक महीने से अधिक समय बीतने के बाद भी तेजस को पर्यटकों के सामने नहीं लाया जा सका। इस कारण वन्यजीव प्रेमियों और चिड़ियाघर आने वाले पर्यटकों को उसके दीदार के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। अब तक सामने आई जानकारी के मुताबिक, तेजस के सार्वजनिक प्रदर्शन में देरी की वजह स्वास्थ्य संबंधी समस्या नहीं, बल्कि उसके बाड़े के उद्घाटन की औपचारिकता है।
पहले वन मंत्री, फिर मुख्यमंत्री के हाथों उद्घाटन कराने की तैयारी
शुरुआत में चर्चा थी कि वन मंत्री सुबोध उनियाल सफेद बाघ के बाड़े का उद्घाटन करेंगे और इसके बाद पर्यटकों के लिए उसे खोल दिया जाएगा। हालांकि, बाद में बाड़े का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के हाथों कराने का निर्णय लिया गया। इसके बाद वन विभाग मुख्यमंत्री कार्यालय से कार्यक्रम के लिए समय लेने की कोशिशों में जुटा रहा। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में समय निर्धारित होने का इंतजार किए जाने के कारण तेजस को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।अब मुख्यमंत्री कार्यालय से 17 नवंबर का समय मिलने के बाद तेजस के बाड़े के उद्घाटन का रास्ता साफ हो गया है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार उद्घाटन के बाद पर्यटक सफेद बाघ को करीब से देख सकेंगे।
17 नवंबर को खत्म होगा तेजस के दीदार का इंतजार
28 सितंबर को देहरादून पहुंचने के बाद से तेजस लगातार क्वारंटाइन में है। 17 नवंबर को बाड़े का उद्घाटन होने के बाद उसे पर्यटकों के लिए उपलब्ध कराया जाना प्रस्तावित है। इस तरह देहरादून पहुंचने के करीब 50 दिन बाद लोग पहली बार चिड़ियाघर में इस सफेद बाघ का दीदार कर सकेंगे। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने भी जल्द ही पर्यटकों का इंतजार खत्म होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सफेद बाघ को देखने के लिए लोगों को अब अधिक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और जल्द ही पर्यटक उसके दीदार कर सकेंगे। तेजस के सार्वजनिक प्रदर्शन को लेकर चिड़ियाघर प्रबंधन और वन विभाग की तैयारियां भी महत्वपूर्ण रहेंगी। उद्घाटन के बाद पर्यटकों को उसके लिए निर्धारित बाड़े और सुरक्षा व्यवस्था के तहत दर्शन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
वन्यजीव प्रेमियों में तेजस को देखने की उत्सुकता
देहरादून चिड़ियाघर में सफेद बाघ का आगमन पर्यटकों के लिए एक नया आकर्षण माना जा रहा है। नीली आंखों और सफेद रंग के कारण तेजस को देखने के लिए लोग उत्सुक हैं। हालांकि, उसके आने के बाद से ही लगातार इंतजार बढ़ता गया और अब 17 नवंबर की तारीख सामने आने के बाद पर्यटकों को राहत मिली है। यदि तय कार्यक्रम के अनुसार बाड़े का उद्घाटन होता है, तो करीब 50 दिनों का इंतजार खत्म हो जाएगा। इसके बाद देहरादून चिड़ियाघर आने वाले पर्यटकों को सफेद बाघ तेजस को देखने का अवसर मिलेगा।