हरिद्वार: उत्तराखंड के हरिद्वार में बिजली चोरी के खिलाफ ऊर्जा निगम और देहरादून विजिलेंस की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। जगजीतपुर उपखंड के अंतर्गत आने वाले गाड़ोवाली, बहादरपुर जट्ट और इक्कड़ गांव में चलाए गए छापेमारी अभियान के दौरान 18 घरों में बिजली चोरी के मामले सामने आए। इन घरों में विद्युत लाइनों पर कटिया डालकर अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। टीम की कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मुख्य अभियंता मोहित जोशी के निर्देश पर एसडीओ अमित तोमर के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने तीनों गांवों में पहुंचकर विद्युत कनेक्शनों की जांच की। जांच के दौरान 18 घरों में बिजली चोरी किए जाने का पता चला। ऊर्जा निगम ने सभी 18 मामलों में संबंधित थाने में मुकदमे दर्ज कराए हैं। इसके साथ ही आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार जुर्माने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।
बकायेदारों पर भी गिरी गाज, 10 बिजली कनेक्शन काटे
बिजली चोरी के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही ऊर्जा निगम की टीम ने लंबे समय से बिजली बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं पर भी शिकंजा कसा। अभियान के दौरान 10 बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। वहीं, टीम ने करीब पांच लाख रुपये के बकाया राजस्व की वसूली भी की। ऊर्जा निगम की इस कार्रवाई का उद्देश्य बिजली चोरी पर रोक लगाने के साथ ही बकाया राजस्व की वसूली करना है। अधिकारियों के मुताबिक, विद्युत लाइनों पर कटिया डालकर बिजली का इस्तेमाल करने से निगम को राजस्व का नुकसान होता है। इसी वजह से अवैध बिजली उपयोग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
ऊर्जा निगम के अधिशासी अभियंता रवि कुमार ने बताया कि बिजली चोरी रोकने और बकाया राजस्व की वसूली के लिए अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में बिजली कनेक्शनों की जांच और बकायेदारों से राजस्व वसूली का अभियान आगे भी जारी रहेगा। हरिद्वार में ऊर्जा निगम की इस कार्रवाई से बिजली चोरी करने वाले लोगों और लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के बीच हलचल देखी गई। निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि विद्युत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।