उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने राजनीतिक गतिविधियां तेज करने की तैयारी कर ली है। पार्टी 22 अक्टूबर से प्रदेशभर में ‘उत्तराखंड न्याय यात्रा’ निकालने जा रही है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, यात्रा बद्रीनाथ धाम से शुरू होकर विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से गुजरेगी और 27 अक्टूबर को गैरसैंण में विधानसभा घेराव के साथ संपन्न होगी। कांग्रेस इस अभियान के जरिए अंकिता भंडारी हत्याकांड, बेरोजगारी, महिला सुरक्षा, महंगाई और पलायन जैसे मुद्दों को उठाकर राज्य सरकार को घेरने की तैयारी में है।
प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में हुई अहम बैठक
न्याय यात्रा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को देहरादून स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने की। इसमें पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना, लालचंद शर्मा, राजकुमार, प्रदेश कोषाध्यक्ष गोदावरी थापली, महामंत्री राजेंद्र शाह और नवीन जोशी सहित कई वरिष्ठ नेता व पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में महानगर अध्यक्ष जसविंदर सिंह गोगी, संजय कनौजिया, एससी विभाग अध्यक्ष मदन लाल, प्रदेश सचिव अमेंद्र बिष्ट, सोनिया आनंद, प्रशांत खंडूरी, मनीष गौनियाल, रितेश जोशी, सुशांत बोहरा और मोहन सिंह खत्री समेत अन्य नेताओं ने भी भाग लिया। इस दौरान यात्रा के रूट, जनसभाओं, स्वागत कार्यक्रमों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय को लेकर चर्चा की गई।
बद्रीनाथ से गैरसैंण तक प्रस्तावित रूट
कांग्रेस की ओर से जारी कार्यक्रम के मुताबिक, न्याय यात्रा का आयोजन 22 से 27 अक्टूबर तक किया जाना है। यात्रा के प्रमुख पड़ाव इस प्रकार बताए गए हैं:
- 22 अक्टूबर: बद्रीनाथ धाम से यात्रा का शुभारंभ।
- 23 अक्टूबर: नंदप्रयाग, कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग क्षेत्रों में जनसंपर्क और नुक्कड़ सभाएं।
- 24 अक्टूबर: चौबट्टाखाल, सतपुली, यमकेश्वर और दुगड्डा होते हुए कोटद्वार पहुंचने का कार्यक्रम।
- 25 अक्टूबर: लैंसडाउन और पौड़ी क्षेत्र में जनसंपर्क गतिविधियां।
- 26 अक्टूबर: गैरसैंण के भराड़ीसैंण क्षेत्र में पहुंचने की योजना।
- 27 अक्टूबर: गैरसैंण में विधानसभा घेराव और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन।
यात्रा के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय मुद्दों को उठाने और लोगों से संवाद करने की तैयारी है। कार्यक्रम और रूट से संबंधित अंतिम जानकारी के लिए पार्टी की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखना जरूरी होगा।
अंकिता भंडारी हत्याकांड से बेरोजगारी तक उठेंगे मुद्दे
कांग्रेस ने न्याय यात्रा के जरिए कई प्रमुख विषयों को उठाने की रणनीति बनाई है। इनमें अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय और कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग शामिल है। इसके अलावा महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी और भर्ती परीक्षाओं से जुड़े विवाद भी पार्टी के अभियान का हिस्सा होंगे। कांग्रेस अग्निवीर योजना का विरोध करने के साथ-साथ प्रदेश के जल, जंगल और जमीन से जुड़े सवालों को भी उठाएगी। महंगाई, पहाड़ों से पलायन और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगने की तैयारी है।
प्रीतम सिंह बोले—जनता के हक और न्याय की लड़ाई है यात्रा
बैठक में प्रीतम सिंह ने भाजपा सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि प्रदेश का युवा रोजगार के लिए संघर्ष कर रहा है, महिलाओं की सुरक्षा चिंता का विषय है और किसान तथा व्यापारी भी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने न्याय यात्रा को जनता के अधिकारों और सम्मान से जुड़ा अभियान बताते हुए कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संवाद करेंगे। पार्टी नुक्कड़ सभाओं और जनसभाओं के माध्यम से सरकार के कामकाज पर सवाल उठाएगी। प्रीतम सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा सरकार को चुनौती देने का भी दावा किया।
देहरादून में भी होंगी पदयात्राएं और जनसभाएं
कांग्रेस की योजना पहाड़ी क्षेत्रों के साथ देहरादून जिले में भी जनसंपर्क गतिविधियां आयोजित करने की है। प्रीतम सिंह और पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला समेत पार्टी के नेता विभिन्न क्षेत्रों में पदयात्राओं, रैलियों और सभाओं के जरिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने पर जोर देंगे। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की यह यात्रा प्रदेश में राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश के तौर पर देखी जा रही है। अब यात्रा के दौरान जनता की भागीदारी और उठाए जाने वाले मुद्दों पर मिलने वाली प्रतिक्रिया से इसके राजनीतिक प्रभाव का आकलन किया जा सकेगा।