उत्तराखंड के युवाओं को मिलेगी विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग, हर जिले में केंद्र खोलने की तैयारी – Parvat Sankalp News

उत्तराखंड के युवाओं को मिलेगी विदेशी भाषाओं की ट्रेनिंग, हर जिले में केंद्र खोलने की तैयारी

देहरादून: उत्तराखंड के युवाओं के लिए विदेशी भाषाएं सीखने और देश-विदेश में रोजगार के नए अवसर हासिल करने की दिशा में पहल की जा रही है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में संबंधित विभागों के साथ बैठक कर विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम को व्यापक कौशल विकास योजना के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। इसका लाभ स्कूली विद्यार्थियों, आईटीआई के छात्रों, नर्सिंग और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े युवाओं के साथ ही अन्य इच्छुक लोगों को देने की योजना है। मुख्य सचिव ने कहा कि युवाओं को वैश्विक रोजगार की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाना चाहिए, ताकि विदेशी भाषा में दक्षता उनके लिए रोजगार के नए रास्ते खोल सके। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम की कार्ययोजना तैयार करने, मौजूदा केंद्रों का विस्तार करने और रोजगार से जुड़ी एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया।

विदेशी भाषा प्रशिक्षण के लिए तैयार होगी व्यापक कार्ययोजना

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कार्मिक एवं वित्त विभाग को संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रम का समग्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण की योजना इस तरह बनाई जाए कि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ रोजगार की वास्तविक मांग के अनुरूप कौशल भी मिल सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम को प्रत्यक्ष और ऑनलाइन, दोनों माध्यमों से संचालित करने पर जोर दिया गया है। इससे प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं तक भी प्रशिक्षण की पहुंच बढ़ाई जा सकेगी।

अटल उत्कृष्ट और राजीव नवोदय विद्यालयों में भी विदेशी भाषाओं की पढ़ाई की तैयारी

मुख्य सचिव ने शिक्षा विभाग को प्रदेश के सभी अटल उत्कृष्ट विद्यालयों और राजीव नवोदय विद्यालयों में अंग्रेजी के अतिरिक्त अन्य विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण शुरू करने के लिए योजना तैयार करने के निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही विदेशी भाषाओं से परिचित कराना और भविष्य में उच्च शिक्षा तथा रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करना है। हालांकि, किन भाषाओं को शामिल किया जाएगा और प्रशिक्षण कब से शुरू होगा, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

हर जिले में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने पर जोर

बैठक में कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग के मौजूदा प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विस्तार करने पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में देहरादून, अल्मोड़ा और बागेश्वर में संचालित विदेशी भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रदेशभर में पहुंचाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने हर जिले में विदेशी भाषा प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम करने को कहा। साथ ही, कौशल विकास विभाग के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में संचालित केंद्रों को भी इस पहल से जोड़ने के निर्देश दिए। यदि यह योजना प्रस्ताव के अनुसार आगे बढ़ती है, तो प्रदेश के अधिक युवाओं को अपने जिले में ही विदेशी भाषा सीखने का अवसर मिल सकता है।

विदेशी भाषा सीखने के बाद रोजगार से जोड़ने की तैयारी

मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल भाषा सिखाना नहीं, बल्कि युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना भी होना चाहिए। इसके लिए संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित करने और देश-विदेश में उपलब्ध रोजगार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देने पर जोर दिया गया। उन्होंने प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और युवाओं को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करने के निर्देश दिए। इससे प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं की योग्यता को प्रमाणित करने और रोजगार के लिए आवेदन करने में मदद मिल सकती है।

दून विश्वविद्यालय के भाषा विद्यार्थियों की ली जाएगी मदद

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दून विश्वविद्यालय से विदेशी भाषाओं की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों की सेवाएं लेने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण देने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए शैक्षणिक क्रेडिट या अन्य प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इससे एक ओर प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन में सहायता मिल सकती है, वहीं दूसरी ओर विदेशी भाषाओं की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को अपने ज्ञान और कौशल का व्यावहारिक उपयोग करने का अवसर मिलेगा।

नर्सिंग के विद्यार्थियों को भी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण

बैठक में नर्सिंग शिक्षा को भी विदेशी भाषा प्रशिक्षण से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। मुख्य सचिव ने नर्सिंग पाठ्यक्रम में विदेशी भाषाओं को शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सरकारी नर्सिंग कॉलेजों में लगभग 600 युवा नर्सिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इन विद्यार्थियों को विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने से उन्हें भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने में मदद मिल सकती है। कुल मिलाकर, उत्तराखंड सरकार की इस पहल का फोकस विदेशी भाषा प्रशिक्षण को स्कूलों, तकनीकी शिक्षा, नर्सिंग और कौशल विकास से जोड़ना है। अब इस योजना की विस्तृत कार्ययोजना, प्रशिक्षण केंद्रों की संख्या, शामिल की जाने वाली भाषाओं और शुरुआत की समयसीमा से जुड़ी जानकारी सामने आने का इंतजार रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *