अल्मोड़ा: विदेश में नौकरी करने गए उत्तराखंड के एक युवक के अचानक लापता होने से उसके परिवार की चिंता बढ़ गई है। अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट क्षेत्र के कुंथाड़ी गांव निवासी 26 वर्षीय धर्मेंद्र बिष्ट 27 सितंबर 2026 से मॉरीशस में लापता बताए जा रहे हैं। परिवार ने घटना को संदिग्ध बताते हुए किसी अनहोनी की आशंका जताई है और मामले की गहन जांच की मांग की है। मामला सामने आने के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और अल्मोड़ा सांसद एवं केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा से मदद की गुहार लगाई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, स्थानीय पुलिस के स्तर पर तलाश जारी है और भारतीय दूतावास से भी संपर्क किया गया है।
अप्रैल 2025 में नौकरी के लिए गया था मॉरीशस
परिजनों के अनुसार, धर्मेंद्र बिष्ट रोजगार के सिलसिले में अप्रैल 2025 में मॉरीशस गए थे। वहां वह एक रेस्तरां/फूड कंपनी में काम कर रहे थे। हालांकि, अलग-अलग रिपोर्टों में उनके पद और नियोक्ता को लेकर अलग-अलग जानकारी सामने आई है। परिजनों के मुताबिक, धर्मेंद्र मॉरीशस में रहकर काम कर रहे थे और 27 सितंबर को अपने कुछ परिचितों के साथ पोंट नेचुरल क्षेत्र में घूमने गए थे। इसके बाद उनका संपर्क परिवार से टूट गया।
27 सितंबर की शाम से नहीं मिला कोई सुराग
परिवार को 28 सितंबर को धर्मेंद्र के लापता होने की जानकारी मिली। इसके बाद उनकी तलाश शुरू की गई। परिजनों ने स्थानीय स्तर पर संपर्क करने के साथ भारत में भी संबंधित अधिकारियों से मदद की अपील की। धर्मेंद्र के पिता की ओर से द्वाराहाट पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराए जाने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने संबंधित दूतावास से संपर्क किया है।

परिवार ने चार युवकों पर जताया शक
धर्मेंद्र की बहन हेमा रौतेला ने घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए कुछ युवकों की भूमिका पर संदेह जताया है। उनके मुताबिक, धर्मेंद्र से मिलने कुछ युवक पहुंचे थे और बाद में वे उसे समुद्र तट की ओर ले गए। परिवार की ओर से आयुष बिष्ट, गौरव मेहता, भूपेंद्र राणा और राहुल राणा के नाम लिए गए हैं। हेमा का दावा है कि धर्मेंद्र इनमें से केवल आयुष को जानते थे, जबकि अन्य युवकों से उनकी ज्यादा पहचान नहीं थी। परिजनों ने यह भी दावा किया है कि धर्मेंद्र का मोबाइल फोन और कपड़े एक अन्य व्यक्ति के पास मिले। इन्हीं परिस्थितियों के आधार पर परिवार ने मामले में किसी साजिश की आशंका जताई है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मॉरीशस पुलिस के मुताबिक समुद्री लहर में बहने की आशंका
दूसरी ओर, मॉरीशस पुलिस की ओर से सामने आई जानकारी में धर्मेंद्र के तेज समुद्री लहर की चपेट में आकर बह जाने की आशंका जताई गई है। रिपोर्टों के अनुसार, धर्मेंद्र जिस पोंट नेचुरल इलाके में गए थे, वहां विशेष इकाइयों की मदद से खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है। अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिलने की बात सामने आई है। यही वजह है कि फिलहाल मामले में दो अलग-अलग पहलू सामने आ रहे हैं—एक ओर परिवार कुछ परिस्थितियों को संदिग्ध मानकर साजिश की आशंका जता रहा है, वहीं मॉरीशस पुलिस समुद्र में बहने की संभावना के आधार पर भी तलाश कर रही है।
परिवार ने वायरल वीडियो की जांच की मांग की
परिजनों ने धर्मेंद्र से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने की बात कहते हुए उसकी भी जांच कराने की मांग की है। परिवार चाहता है कि वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई देने वाली परिस्थितियों की जांच की जाए। हेमा रौतेला का कहना है कि परिवार को धर्मेंद्र की स्थिति को लेकर स्पष्ट और विश्वसनीय जानकारी मिलनी चाहिए। उन्होंने भारत सरकार से मॉरीशस प्रशासन के साथ समन्वय कर तलाश तेज कराने की मांग की है।
अजय टम्टा ने विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन से संपर्क की बात कही
धर्मेंद्र के परिवार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री और अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा से भी मदद मांगी गई है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, टम्टा ने मामले में केंद्र स्तर पर हस्तक्षेप की पहल की है और भारतीय मिशन तथा संबंधित अधिकारियों से संपर्क की बात कही है।परिवार की मांग है कि धर्मेंद्र की तलाश के लिए मॉरीशस में चल रहे सर्च ऑपरेशन को तेज किया जाए और साथ ही उनके लापता होने की परिस्थितियों की भी निष्पक्ष जांच हो।
तलाश अभियान पर टिकी परिवार की उम्मीद
धर्मेंद्र के लापता हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है। मॉरीशस में विशेष इकाइयों द्वारा खोज एवं बचाव अभियान चलाए जाने की जानकारी है। फिलहाल परिवार का पूरा ध्यान धर्मेंद्र की सुरक्षित बरामदगी पर है। वहीं, पुलिस और संबंधित एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि वह आखिरी बार कहां और किन लोगों के साथ थे तथा उसके बाद क्या हुआ। जब तक जांच पूरी नहीं होती, धर्मेंद्र के साथ किसी आपराधिक घटना या साजिश की पुष्टि करना जल्दबाजी होगी। फिलहाल परिवार की आशंका, मॉरीशस पुलिस की जांच और जारी सर्च ऑपरेशन—तीनों पहलुओं पर नजर बनी हुई है।