देहरादून: ऑनलाइन ट्रेडिंग और शेयर बाजार में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर साइबर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कार्रवाई की है। देहरादून में एक बुजुर्ग से 55.50 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में STF ने पंजाब के फाजिल्का से 26 वर्षीय एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच के मुताबिक, ठगी की रकम में से 6 लाख रुपये आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। जांच में उसके खाते के खिलाफ साइबर अपराध से जुड़ी छह अन्य शिकायतें भी सामने आने की बात कही गई है।
व्हाट्सऐप ग्रुप से शुरू हुआ ठगी का खेल
मामला देहरादून के पंडितवाड़ी क्षेत्र का है। यहां रहने वाले चुन्नी लाल अग्निहोत्री ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें “SBSBL Community / VIP Community” नाम के व्हाट्सऐप ग्रुप में जोड़ दिया। ग्रुप में मौजूद लोगों ने खुद को शेयर बाजार और निवेश से जुड़ा विशेषज्ञ बताया। आरोप है कि ठगों ने खुद को SEBI से रजिस्टर्ड सलाहकार बताते हुए पीड़ित को निवेश के जरिए बड़ा मुनाफा कमाने का भरोसा दिलाया।

फर्जी ट्रेडिंग क्लास और डिमैट अकाउंट का इस्तेमाल
शिकायत के मुताबिक, साइबर ठगों ने पहले पीड़ित का विश्वास जीतने के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ी क्लासेज चलाने का दिखावा किया। इसके बाद उन्हें एक डिमैट अकाउंट भी खुलवाया गया। ठगों ने अपने दावों को विश्वसनीय दिखाने के लिए CDSL और NSDL से जुड़े दस्तावेज जैसे दिखने वाले कागजात भी सामने रखे। इस पूरी प्रक्रिया के जरिए पीड़ित को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की गई कि वह किसी वास्तविक निवेश प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर बाजार में पैसा लगा रहे हैं।
अलग-अलग खातों में जमा कराए 55.50 लाख रुपये
पुलिस शिकायत के अनुसार, जब पीड़ित पूरी तरह ठगों के झांसे में आ गए तो उनसे अलग-अलग समय पर विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई। कुल मिलाकर पीड़ित ने 55 लाख 50 हजार रुपये आरोपियों के बताए खातों में जमा किए। इसके बाद जब निवेश की रकम और कथित मुनाफा वापस नहीं मिला तो उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
मनी ट्रेल से पंजाब के खाते तक पहुंची STF
शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच उत्तराखंड STF को सौंपी गई। STF ने जांच के दौरान बैंक खातों में हुए लेनदेन, मनी ट्रेल और तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया। इसी दौरान ठगी की रकम का एक हिस्सा पंजाब के फाजिल्का निवासी सुखवीर सिंह उर्फ सुक्कू के बैंक खाते में पहुंचने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता से ठगी गई रकम में से 6 लाख रुपये सीधे इस खाते में ट्रांसफर हुए थे।
खाते के खिलाफ पहले से छह साइबर शिकायतें
जांच में पुलिस को आरोपी के बैंक खाते से जुड़ी अन्य शिकायतों की जानकारी भी मिली। STF के मुताबिक, उसके बैंक खाते के खिलाफ साइबर अपराध से संबंधित छह अन्य शिकायतें पहले से दर्ज थीं। इस जानकारी के बाद STF की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की और उसके संभावित ठिकाने की जानकारी जुटाई।
फाजिल्का में दबिश देकर आरोपी गिरफ्तार
सुराग मिलने के बाद उत्तराखंड STF की टीम पंजाब पहुंची। टीम ने फाजिल्का क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए 26 वर्षीय सुखवीर सिंह उर्फ सुक्कू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पंजाब के फाजिल्का जिले के सिटी जलालाबाद थाना क्षेत्र के चक मन्नेवाला का रहने वाला है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे पूछताछ कर साइबर ठगी के नेटवर्क और उसके अन्य संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। इस कार्रवाई में STF निरीक्षक अनिल कुमार, उपनिरीक्षक जगमोहन राणा और कांस्टेबल सोहन बडोनी की भूमिका बताई गई है।
साइबर ठगी के लिए बनाया गया था भरोसे का पूरा जाल
इस मामले में ठगों ने सिर्फ निवेश का लालच देने तक खुद को सीमित नहीं रखा। पुलिस के मुताबिक, पहले व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए संपर्क किया गया, फिर ट्रेडिंग की जानकारी देने का भरोसा दिलाया गया और उसके बाद फर्जी दस्तावेजों व डिमैट अकाउंट के जरिए निवेश को वास्तविक दिखाने की कोशिश की गई। इस तरह पीड़ित को धीरे-धीरे विश्वास में लेकर बड़ी रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराई गई।
STF ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
उत्तराखंड STF ने लोगों से ऑनलाइन निवेश और ट्रेडिंग के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंकिंग पासवर्ड, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी या अन्य संवेदनशील बैंकिंग विवरण साझा न करें। व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप में शेयर बाजार के जरिए कम समय में दोगुना या तीन गुना मुनाफा दिलाने के दावों पर भी भरोसा न करने की सलाह दी गई है। पुलिस ने निवेश से पहले संबंधित संस्था और निवेश प्लेटफॉर्म की स्वतंत्र रूप से जांच करने को कहा है।
ठगी हो जाए तो तुरंत 1930 पर करें कॉल
साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में पुलिस ने पीड़ितों से बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने की अपील की है। ऑनलाइन शिकायत cybercrime.gov.in के माध्यम से भी दर्ज की जा सकती है। समय पर शिकायत मिलने से बैंकिंग लेनदेन को ट्रेस करने और उपलब्ध होने पर ठगी की रकम को रोकने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।