UP Election 2027: मेरठ में भाजपा की बड़ी कार्यशाला, जुटेंगे पश्चिमी यूपी के जिलाध्यक्ष – Parvat Sankalp News

UP Election 2027: मेरठ में भाजपा की बड़ी कार्यशाला, जुटेंगे पश्चिमी यूपी के जिलाध्यक्ष

मेरठ: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिमी यूपी में संगठनात्मक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में बुधवार को मेरठ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भाजपा जिला और महानगर अध्यक्षों की कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी शामिल होंगे। कार्यशाला में क्षेत्रीय प्रभारी रामप्रताप सिंह और क्षेत्रीय अध्यक्ष नवाब सिंह नागर भी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे। क्षेत्रीय कार्यकारिणी के गठन के बाद अब पार्टी का फोकस चुनावी तैयारियों को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर है। जल्द ही विभिन्न प्रकोष्ठों के क्षेत्रीय अध्यक्षों की घोषणा के साथ जिलों में मोर्चों का गठन भी किए जाने की तैयारी है।

मेरठ में चुनावी तैयारियों पर मंथन

विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए आयोजित कार्यशाला में पश्चिमी यूपी के सभी भाजपा जिला और महानगर अध्यक्षों को बुलाया गया है। बैठक में संगठन की मौजूदा स्थिति, चुनावी तैयारियों और आगामी कार्यक्रमों को लेकर चर्चा होने की संभावना है। पश्चिमी यूपी में भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को चुनाव के लिहाज से सक्रिय करने के लिए पार्टी लगातार बैठकें और सम्मेलन आयोजित कर रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का क्षेत्रीय पदाधिकारियों और जिला स्तर के नेताओं के साथ संवाद इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

20 सितंबर को सहारनपुर में जुटेंगे करीब 4800 शक्ति केंद्र संयोजक

मेरठ की कार्यशाला के बाद 20 सितंबर को सहारनपुर में भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शक्ति केंद्र संयोजकों का बड़ा सम्मेलन प्रस्तावित है। इसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। सम्मेलन में पश्चिमी यूपी के करीब 4,800 शक्ति केंद्र संयोजकों के जुटने की जानकारी सामने आई है। भाजपा ने बूथ संगठन को मजबूत करने के लिए करीब छह से आठ बूथों को मिलाकर एक शक्ति केंद्र बनाया है। प्रत्येक शक्ति केंद्र में संयोजक की भूमिका बूथ कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय, पार्टी कार्यक्रमों और मतदाता संपर्क जैसी गतिविधियों में महत्वपूर्ण होती है।

बूथ स्तर की तैयारियों पर रहेगा फोकस

सहारनपुर सम्मेलन के जरिए संगठन की बूथ स्तर की गतिविधियों और चुनावी तैयारियों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। शक्ति केंद्र संयोजकों से जमीनी स्तर की जानकारी लेने और संगठनात्मक गतिविधियों को और प्रभावी बनाने पर चर्चा हो सकती है। सम्मेलन के आयोजन स्थल और समय को लेकर पार्टी स्तर पर अभी मंथन जारी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जातीय समीकरण, किसान मुद्दे और स्थानीय राजनीतिक समीकरण जैसे विषय चुनावी राजनीति में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

ऐसे में बूथ और शक्ति केंद्र स्तर से मिलने वाला फीडबैक पार्टी की आगामी संगठनात्मक तैयारियों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस तरह मेरठ की जिला-महानगर अध्यक्षों की कार्यशाला और सहारनपुर का शक्ति केंद्र सम्मेलन पश्चिमी यूपी में भाजपा की चुनावी तैयारियों की अगली कड़ी के रूप में सामने आ रहे हैं।

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