ED दफ्तर पहुंचे पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा, मोहाली लैंड यूज केस में होगी पूछताछ – Parvat Sankalp News

ED दफ्तर पहुंचे पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा, मोहाली लैंड यूज केस में होगी पूछताछ

पंजाब के पूर्व मुख्य सचिव और वर्तमान एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (रेवेन्यू) अनुराग वर्मा बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) के दफ्तर पहुंचे। वह मोहाली में भूमि उपयोग परिवर्तन से जुड़े दस्तावेज अपने साथ लेकर पहुंचे हैं। यह मामला मोहाली की सनटेक सिटी और अल्टस स्पेस बिल्डर्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में कथित अनियमितताओं से संबंधित बताया जा रहा है। ईडी इस मामले में करीब 348 करोड़ रुपये के कथित घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग पहलुओं की जांच कर रही है। जांच के तहत अधिकारियों की भूमिका और संबंधित दस्तावेजों को भी खंगाला जा रहा है। अनुराग वर्मा सुबह करीब 11:07 बजे अपनी गाड़ी से उतरे और सीधे ईडी कार्यालय के अंदर चले गए। उनके साथ मामले से संबंधित दस्तावेज भी बताए जा रहे हैं।

ईडी की ओर से वर्मा से संबंधित सरकारी दस्तावेजों, फैसलों और कथित अनियमितताओं के समय उनकी भूमिका को लेकर सवाल किए जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि कथित अनियमितताओं के दौरान अनुराग वर्मा आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रमुख थे। इसी वजह से मामले में उनसे जुड़े फैसलों और विभागीय रिकॉर्ड को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। वर्मा को इससे पहले 31 अगस्त को ईडी के सामने पेश होने के लिए समन जारी किया गया था। हालांकि, वह उस समय पेश नहीं हो सके थे और उन्होंने सरकारी दस्तावेज जुटाने के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। इसके बाद ईडी ने उन्हें नई तारीख पर पेश होने के लिए कहा था। 7 सितंबर को भी उनके पेश नहीं होने के बाद उन्हें 9 सितंबर सुबह 10 बजे ईडी कार्यालय पहुंचने के लिए बुलाया गया था।

निर्धारित समय के बाद अनुराग वर्मा ईडी कार्यालय पहुंचे और जांच एजेंसी के सामने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। अब उनसे मामले से जुड़े दस्तावेजों और उनके कार्यकाल के दौरान लिए गए फैसलों के संबंध में पूछताछ की जा सकती है। जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि मोहाली के संबंधित रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स में भूमि उपयोग परिवर्तन और अन्य सरकारी मंजूरियों से जुड़ी प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ी। ईडी कथित वित्तीय अनियमितताओं के साथ-साथ यह भी जांच कर रही है कि कहीं मामले में धन शोधन से जुड़े पहलू तो नहीं हैं। जांच एजेंसी संबंधित दस्तावेजों और लेन-देन की जानकारी को आपस में जोड़कर देख रही है। वर्तमान में अनुराग वर्मा पंजाब के राजस्व विभाग में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी के पद पर तैनात हैं। उनके ईडी कार्यालय पहुंचने के बाद इस मामले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है। अब ईडी की पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के दौरान सामने आने वाली जानकारी इस मामले की आगे की दिशा तय करने में अहम हो सकती है। एजेंसी की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अनियमितताओं में किन अधिकारियों या अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है।

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