नई दिल्ली: धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद अब शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी फिलहाल प्रह्लाद जोशी संभालेंगे। PM की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने उन्हें उनके मौजूदा विभाग के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय का भी अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने PM की सलाह पर धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। आदेश में कहा गया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी अपने वर्तमान मंत्रालय के साथ शिक्षा मंत्रालय भी देखेंगे।
*इस्तीफे की वजह*
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को PM नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। NEET पेपर लीक को लेकर बीते कई दिनों से जंतर मंतर समेत पूरे देश में छात्रों का प्रदर्शन चल रहा था।
X पर जानकारी देते हुए प्रधान ने कहा, “पिछले 10 दिनों की घटनाओं से मैं आहत हूं। यह मेरे लिए निजी प्रतिष्ठा का सवाल नहीं है।” उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले दिन से ही जिम्मेदारी निभाई है और कभी पीछे नहीं हटे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधान ने “कॉकरोच जनता पार्टी” यानी CJP के दबाव में इस्तीफा दिया। CJP परीक्षा प्रणाली में सुधार, NEET लीक मामले में जवाबदेही और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही थी।
*आंदोलन खत्म*
CJP ने शनिवार को 36 दिन से चल रहा अपना आंदोलन खत्म करने का ऐलान किया। पार्टी का कहना है कि सरकार ने उनकी प्रमुख मांगें मान ली हैं। इसमें प्रधान का इस्तीफा, NEET विवाद में जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा और भाजपा शासित राज्यों में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस लेना शामिल है।
CJP के प्रवक्ता सौरव घोष ने कहा कि देशभर में सभी प्रदर्शन तुरंत बंद किए जा रहे हैं। दोनों पक्ष अगले 4 हफ्ते बाद फिर मिलकर परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों पर चर्चा करेंगे।
CJP के नेतृत्व में 20 जून को जंतर मंतर पर छात्रों का विरोध शुरू हुआ था। मांग थी परीक्षा व्यवस्था में सुधार, NEET लीक पर जवाबदेही और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा।