CJP आंदोलन पर मायावती का बड़ा बयान, बोलीं- राजनीतिकरण और हिंसा से बचें, जल्द निकले समाधान – Parvat Sankalp News

CJP आंदोलन पर मायावती का बड़ा बयान, बोलीं- राजनीतिकरण और हिंसा से बचें, जल्द निकले समाधान

नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने काकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापक जनआंदोलन को राजनीतिक दलों द्वारा अपने-अपने हितों के लिए इस्तेमाल करना उचित नहीं है। मायावती ने कहा कि आंदोलन को लेकर सड़क से संसद तक बढ़ता टकराव और हिंसा देशहित में नहीं है। उन्होंने सरकार और आंदोलनकारियों से बातचीत के जरिए जल्द से जल्द शांतिपूर्ण समाधान निकालने की अपील की।

आंदोलन के राजनीतिकरण पर मायावती ने जताई चिंता

मायावती के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से जारी आंदोलन अब व्यापक रूप ले चुका है। यह आंदोलन NEET जैसी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ियों से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों से जुड़े मुद्दों को लेकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों की समस्याओं का समाधान जरूरी है, लेकिन इस मुद्दे का राजनीतिकरण होने से स्थिति सरकार और आंदोलनकारियों के बीच सीधे टकराव में बदलती जा रही है।

सरकार और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की अपील

बसपा प्रमुख ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार और आंदोलन से जुड़े लोगों को आपसी बातचीत के जरिए रास्ता निकालना चाहिए। उन्होंने कहा कि विवाद को जितनी जल्दी शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाया जाएगा, उतना ही देश और आम जनता के हित में होगा। मायावती ने यह भी कहा कि लगातार जारी टकराव का असर दिल्ली के साथ-साथ अन्य राज्यों के जनजीवन पर भी पड़ रहा है।

संवैधानिक संस्थाओं से भूमिका निभाने की अपील

मायावती ने कहा कि देश और जनहित से जुड़े गंभीर मामलों में सरकार और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसी परिस्थितियों में संवैधानिक व्यवस्था के माध्यम से समाधान तलाशना जरूरी है, ताकि किसी भी मुद्दे को लेकर तनाव और टकराव को बढ़ने से रोका जा सके।

पेपर लीक और चढ़ावा चोरी को भ्रष्टाचार से जोड़ा

बसपा सुप्रीमो ने परीक्षा पेपर लीक और अन्य कथित अनियमितताओं के साथ-साथ अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी से जुड़े मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले भ्रष्टाचार के बढ़ते प्रभाव से जुड़े हैं। मायावती के अनुसार, भ्रष्टाचार केवल आर्थिक अनियमितता का विषय नहीं है, बल्कि यह संवैधानिक नैतिकता और संस्थागत जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ गंभीर मुद्दा है।

देश को टकराव से निकालना जरूरी

मायावती ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में सरकार, आंदोलनकारी समूहों और संवैधानिक संस्थाओं को मिलकर ऐसा रास्ता तलाशना चाहिए, जिससे देश को बढ़ते तनाव और टकराव की स्थिति से बाहर निकाला जा सके। उन्होंने दोहराया कि जनहित से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए समाधान निकालना ही सबसे बेहतर रास्ता है।

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