उत्तराखंड में 17 जुलाई तक बारिश का अलर्ट, कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी – Parvat Sankalp News

उत्तराखंड में 17 जुलाई तक बारिश का अलर्ट, कई जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है और आने वाले दिनों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार 17 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कई जिलों में भारी वर्षा, तेज गर्जना और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और ऊधम सिंह नगर सहित कई जिलों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। कुछ क्षेत्रों में अल्प समय में तेज वर्षा होने की भी संभावना है, जिससे भूस्खलन, सड़क अवरोध और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं।

12 जुलाई को पर्वतीय जिलों के अधिकांश हिस्सों और मैदानी क्षेत्रों के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा का अनुमान है। देहरादून, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावत में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

13 जुलाई को भी मौसम में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों में भारी वर्षा का पूर्वानुमान है, जबकि अन्य पर्वतीय इलाकों में भी तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।

14 जुलाई को हरिद्वार सहित राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश का सिलसिला बना रहेगा। देहरादून, नैनीताल, चंपावत और पिथौरागढ़ में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बना रह सकता है।

15 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है, जबकि अन्य जिलों में भी रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है।

मौसम विभाग का कहना है कि 16 और 17 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा का क्रम बना रहेगा। पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विज्ञान केंद्र ने 11 से 17 जुलाई तक पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने विशेष रूप से नदी-नालों से दूरी बनाए रखने, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचने, खराब मौसम के दौरान यात्रा टालने और बिजली चमकने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

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