मुख्यमंत्री धामी ने की उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा, स्कूलों के बच्चों को उपलब्ध कराई जाएंगी द्विभाषी किताबें – Parvat Sankalp News

मुख्यमंत्री धामी ने की उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा, स्कूलों के बच्चों को उपलब्ध कराई जाएंगी द्विभाषी किताबें

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगले सत्र से प्रदेश सरकारी और अशासकीय स्कूलों के कक्षा छह से 12 तक के छात्रों को विज्ञान, गणित और नागरिक शास्त्र की द्विभाषी किताबें उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की ऐसी प्रत्येक विषय की पुस्तक में बांया पेज हिंदी और दाहिना पेज अंग्रेजी भाषा में होगा। इससे हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के बच्चों के लिए पढ़ाई करना और सहज हो सकेगा।  मुख्यमंत्री राज्य सचिवालय में विभिन्न विभागों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने अधिकारियों को उत्तराखंड के समग्र विकास के लिए बनाई जा रही योजनाओं को पूरा करने के लिए गंभीरता से प्रयास करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा, 2025 तक जिन योजनाओं को पूरा करने का लक्ष्य है, उसकी नियमित समीक्षा की जाए।

विद्यालयी शिक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन जिलों में विद्यालयी शिक्षा के तहत विद्यार्थी ड्रॉप आउट हो रहे हैं, इनके कारणों का अध्ययन किया जाए। ड्रॉप आउट बच्चों की संख्या कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएं। सरकारी स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ाने के प्रयास हों। पीएमश्री के तहत राज्य के चयनित 142 स्कूलों के लिए सभी आवश्यक जरूरी सुविधाएं जुटाई जाएं। स्कूली शिक्षा के साथ व्यावसायिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

तकनीकी शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पॉलिटेक्निक कॉलेजों एवं आईटीआई में समय की मांग के आधार पर कोर्स करवाए जाएं। इसके लिए औद्योगिक संस्थानों से निरंतर आपसी समन्वय बनाया जाए। यह तय किया जाए कि प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थियों को उचित प्लेसमेंट मिल जाए। पॉलिटेक्निक कॉलेजों एवं आईटीआई के आधुनिकीकरण पर विशेष ध्यान देते हुए यह तय किया जाए कि इनमें दक्ष मानव संसाधन के साथ आवश्यक उपकरण भी हों। जिस ट्रेड में कार्य के लिए मांग बढ़ी है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। पॉलिटेक्निक कॉलेजों और आईटीआई का अपग्रेडेशन भी चरणबद्ध तरीके से करने के निर्देश दिए।

उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि उच्च शिक्षण संस्थानों में शोध को बढ़ावा देने के लिए और प्रयासों की जरूरत है। शोध आधारित मॉडल महाविद्यालय बनाने की दिशा में तेजी से कार्य किए जाएं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाए। उच्च शिक्षा के साथ व्यावसायिक कोर्स को बढ़ावा देने पर भी कार्य किया जाए। डिग्री कॉलेजों में नवाचार को बढ़ावा देने के लगातार प्रयास किए जाने की जरूरत है।

कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी तकनीकी संस्थाओं को एकीकृत रूप में एक प्लेटफार्म पर लाया जाए। रोजगार मेलों का नियमित आयोजन किया जाए और उनका व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। राज्य में स्थापित उद्योगों को दक्ष मानव संसाधन मिले, इसके लिए युवाओं को उद्योगों की आवश्यकतानुसार प्रशिक्षण की व्यवस्थाएं की जाए। मुख्यमंत्री ने खेल विभाग की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि यह तय किया जाए कि नई खेल नीति में खिलाड़ियों की सुविधा के लिए जो भी प्रावधान किए गए हैं, उनका सभी को पूरा लाभ मिले। राज्य में 2024 में प्रस्तावित 38वें राष्ट्रीय खेलों की तैयारियां अभी से शुरू कर दी जाएं। उन्होंने सभी जनपदों में खेल गतिविधियों को तेजी से बढ़ावा देने एवं आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता के भी निर्देश दिए।

 

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