आरटीओ ने लिया बड़ा फैसला, चारधाम यात्रा में अधिक किराए वसूलने वालों के वाहन होंगे सीज – Parvat Sankalp News

आरटीओ ने लिया बड़ा फैसला, चारधाम यात्रा में अधिक किराए वसूलने वालों के वाहन होंगे सीज

उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हो गई है। चारधाम यात्रा की शुरुआत में ही यात्रियों से मनमाना किराया वसूले जाने की शिकायतें सरकार को मिलने लगी हैं। सरकार ने परिवहन विभाग के अधिकारियों को मनमाना किराया वसूल रहे ट्रांसपोर्टरों के विरुद्ध कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं।  इसी क्रम में संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) शैलेश तिवारी ने ऋषिकेश-केदारनाथ-बदरीनाथ मार्ग पर ब्रह्मपुरी चेकपोस्ट और ऋषिकेश-गंगोत्री मार्ग पर भद्रकाली चेकपोस्ट का औचक निरीक्षक किया। व्यावसायिक यात्री वाहनों में सवार श्रद्धालुओं से पूछताछ की गई और किराये के संबंध में जानकारी ली गई। आरटीओ तिवारी ने सभी चेकपोस्ट पर तैनात अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आदेश दिए कि अगर निर्धारित किराये से अधिक किराया लेने की शिकायत मिलती है तो वाहन को सीज कर दिया जाए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के लिए दूसरे वाहन की व्यवस्था की जाए।

चारधाम यात्रा से पहले ट्रांसपोर्टर राज्य सरकार पर किराये में दस प्रतिशत वृद्धि की मांग कर रही थी, लेकिन सरकार ने उनकी मांग खारिज कर दी थी। सरकार ने तर्क दिया था कि कि जुलाई-2022 में सरकार ने किराये में वृद्धि की थी। इसके बाद डीजल, टैक्स व बीमे समेत उपकरण आदि की कीमतों में किसी प्रकार की कोई वृद्धि नहीं हुई है। सरकार ने इस वर्ष चारधाम यात्रा में बस व टैक्सी का संचालन जुलाई-2022 में निर्धारित किराये के अनुसार कराने का निर्णय लिया था। चारधाम यात्रा के लिए परिवहन विभाग की ओर से वाहन की श्रेणी व उसी हिसाब से किराये का निर्धारण किया गया है। टैक्सी की कीमत के हिसाब से उसकी श्रेणी तय की गई है।

आठ लाख रुपये तक कीमत वाली टैक्सी को साधारण, आठ से 15 लाख तक कीमत वाली टैक्सी को डीलक्स, 15 से 25 लाख रुपये तक की टैक्सी को लग्जरी जबकि 25 लाख रुपये से अधिक कीमत की टैक्सी को सुपर लग्जरी श्रेणी में रखा गया है। श्रेणी के अनुसार ही इनका किराया व प्रतीक्षा शुल्क भी निर्धारित किया गया है। आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वह अधिकृत व पंजीकृत ट्रेवलिंग एजेंसी या एजेंट से ही बुकिंग कराएं। उन्होंने सभी यात्री वाहनों में किराया सूची चस्पा करने के आदेश दिए हैं।

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