उत्तराखण्डरुद्रप्रयाग

खराब मौसम के बीच SDRF ने 10 हजार से ज्यादा यात्रियों को बचाया

उत्तराखंड में खराब मौसम और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच राहत एवं बचाव एजेंसियों ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए हजारों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। भारी बारिश और मलबा आने के कारण सड़क मार्ग बाधित हो गया था, जिससे बड़ी संख्या में यात्री रास्ते में फंस गए। स्थिति गंभीर होने के बाद प्रशासन, पुलिस और राहत एजेंसियां तुरंत मौके पर पहुंचीं और राहत अभियान शुरू किया गया।

कठिन मौसम के बावजूद SDRF, पुलिस, NDRF और अन्य एजेंसियों की टीमों ने पूरी रात लगातार राहत और निगरानी अभियान चलाया। बचाव टीमों ने सड़क के दूसरी ओर फंसे करीब 10,450 यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। राहत कार्य के दौरान जवानों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बेहद सतर्कता के साथ अभियान चलाया।

रातभर चले इस रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशासन और राहत एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। मौके पर तैनात टीमों ने लगातार यात्रियों की मदद की और किसी भी प्रकार की अफरा-तफरी न फैले इसके लिए हालात पर कड़ी नजर बनाए रखी। कई यात्रियों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ-साथ उन्हें जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं।

रेस्क्यू अभियान के साथ ही सड़क पर जमा भारी मलबे को हटाने का काम भी युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया। जेसीबी मशीनों की मदद से प्रशासन ने तेजी से सड़क साफ करने का कार्य किया। अधिकारियों की त्वरित कार्रवाई के चलते महज 30 मिनट के भीतर पैदल यात्रियों के लिए मार्ग खोल दिया गया, जिससे लोगों को राहत मिली।

इसके बाद लगातार मलबा हटाने का कार्य जारी रखा गया और कुछ ही समय में सड़क को पूरी तरह साफ कर वाहनों की आवाजाही भी सुचारु कर दी गई। प्रशासन की तेज कार्रवाई के कारण लंबे जाम और बड़ी दुर्घटना की आशंका को टाल दिया गया। यात्रियों ने भी राहत एजेंसियों और प्रशासन की कार्यशैली की सराहना की।

जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी Nandan Singh Rajwar ने यात्रियों से अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के दौरान यात्रा करते समय अतिरिक्त सतर्कता बरतना बेहद जरूरी है। साथ ही अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी गई है।

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