उत्तराखण्ड

उत्तराखंड बॉर्डर पर नो मेंस लैंड के पास कथित कब्जे से हड़कंप

उत्तराखंड के चंपावत जिले से भारत-नेपाल सीमा से जुड़ा एक संवेदनशील मामला सामने आया है। टनकपुर सीमा क्षेत्र के समीप स्थित थपलियाल खेड़ा गांव के पास नो मेंस लैंड के नजदीक करीब छह बीघा भूमि पर नेपाली नागरिकों द्वारा कथित कब्जे की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय और नेपाली अधिकारियों ने संयुक्त स्तर पर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार टनकपुर सीमा से सटे नेपाल के ब्रह्मदेव मंडी क्षेत्र के पास स्थित सीमा स्तंभ संख्या 809/1 के आसपास करीब छह बीघा भूमि पर नेपाली नागरिकों द्वारा घेराबंदी किए जाने की सूचना स्थानीय प्रशासन को मिली थी। सूचना सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

गुरुवार को उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार के नेतृत्व में वन विभाग और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान नेपाल की आर्म्ड पुलिस फोर्स (APF) और नेपाल पुलिस के अधिकारी भी मौजूद रहे। दोनों देशों के अधिकारियों ने सीमा क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण कर प्रारंभिक जानकारी जुटाई और विवादित भूमि की स्थिति का जायजा लिया।

बताया जा रहा है कि थपलियाल खेड़ा गांव की भौगोलिक स्थिति बेहद संवेदनशील है। यह सीमावर्ती गांव तीन दिशाओं से नेपाल सीमा से घिरा हुआ है, जिसके कारण यहां भूमि सीमांकन और नो मेंस लैंड से जुड़े मुद्दे समय-समय पर सामने आते रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा निर्धारण को लेकर पहले भी कई बार विवाद की स्थिति बन चुकी है।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले भारत और नेपाल के संबंधित विभाग संयुक्त सर्वेक्षण करेंगे। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि विवादित भूमि किस देश के अधिकार क्षेत्र में आती है और आगे क्या कार्रवाई की जानी है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी सर्वे के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो जाएगी।

उपजिलाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि नो मेंस लैंड के आसपास अतिक्रमण की सूचना मिलने के बाद दोनों देशों के अधिकारियों की टीम को मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच आपसी समन्वय एवं बातचीत के जरिए इस मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाएगा।

मामले के सामने आने के बाद सीमा क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन, एसएसबी और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की गलतफहमी, तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। फिलहाल संयुक्त सर्वे की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

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