उत्तराखंड में JEM Energy को मिला ₹100 करोड़ का प्रोजेक्ट, 41 MW BESS सिस्टम होगा स्थापित – Parvat Sankalp News

उत्तराखंड में JEM Energy को मिला ₹100 करोड़ का प्रोजेक्ट, 41 MW BESS सिस्टम होगा स्थापित

ऊर्जा क्षेत्र में विस्तार कर रही जुपिटर वैगन्स लिमिटेड (JWL) की एनर्जी बिजनेस यूनिट JEM Energy ने उत्तराखंड में करीब 100 करोड़ रुपये का बड़ा प्रोजेक्ट हासिल किया है। कंपनी ने यह प्रोजेक्ट उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPCL) की टैरिफ-बेस्ड कॉम्पिटिटिव बिडिंग यानी TBCB के क्लस्टर-C में हासिल किया है। JEM Energy ने माधव इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के साथ साझेदारी में बोली लगाई थी और इस प्रक्रिया में L1 बिडर बनी। प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड में 41 MW/102.5 MWh क्षमता का स्टैंडअलोन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) सप्लाई और कमीशन किया जाएगा।

उत्तराखंड के साथ पश्चिम बंगाल से भी मिला बड़ा ऑर्डर

कंपनी को पश्चिम बंगाल राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (WBSEDCL) से भी एक महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का औपचारिक लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिला है। यह प्रोजेक्ट उत्तर 24 परगना स्थित जीरत 132 kV सबस्टेशन पर 50 MW/200 MWh BESS स्थापित करने से जुड़ा है। उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के इन दोनों प्रोजेक्ट्स से JWL की एनर्जी स्टोरेज कारोबार में मौजूदगी को विस्तार मिलने की उम्मीद है। कंपनी के प्रबंध निदेशक विवेक लोहिया के मुताबिक, ये प्रोजेक्ट JEM Energy को बड़े और स्केलेबल एनर्जी स्टोरेज कारोबार के रूप में विकसित करने की रणनीति में अहम भूमिका निभाएंगे।

FY27 तक ₹1,000 करोड़ की BESS ऑर्डर बुक का लक्ष्य

कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 तक लगभग 1,000 करोड़ रुपये की BESS ऑर्डर बुक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही कंपनी ने JEM के Q3 FY27 में EBITDA पॉजिटिव होने और FY28 तक पूरी तरह मुनाफे में आने की उम्मीद जताई है। उत्तराखंड का BESS प्रोजेक्ट ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III के तहत सबस्टेशन स्तर पर ऊर्जा भंडारण क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के जरिए बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाने तथा नवीकरणीय ऊर्जा के बेहतर इस्तेमाल में मदद मिल सकती है। इस प्रोजेक्ट के जरिए जुपिटर वैगन्स अपने पारंपरिक रेलवे और मोबिलिटी कारोबार से आगे बढ़कर एनर्जी ट्रांजिशन और एनर्जी स्टोरेज जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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